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टॉप टेक कंपनियों को न्यूज कंटेंट के लिए देने पड़ सकते हैं पैसे, सरकार कर रही तैयारी


टॉप टेक कंपनियों को न्यूज कंटेंट के लिए देने पड़ सकते हैं पैसे, सरकार कर रही तैयारी

गूगल (Google), फेसबुक (Facebook), ऐपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों को तगड़ा झटका लग सकता है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, स्पेन और फ्रांस की तरह ही इन टॉप टेक्नोलॉजी कंपनियों को भारत में डिजिटल न्यूज प्लैटफॉर्म और न्यूजपेपर्स के न्यूज कंटेंट का अपने प्लेटफॉर्म में इस्तेमाल करने पर संबंधित मीडिया ऑर्गेनाइजेशंस को पैसे देने पड़ सकते हैं।

केंद्र सरकार जल्द ही इस संबंध में कानून ला सकती है।

नए कानून में जोड़े जाएंगे प्रावधान, खत्म होगी मनमानी

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के स्टेट मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने मनोरमा को बताया है, 'भारत सरकार जल्द नया कानून लेकर आएगी, जो कि इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की जगह लेगा। नए कानून में ऐसे प्रावधान होंगे, जो कि टॉप इंटरनेट कंपनियों को इस बात के लिए बाध्य करेंगे कि अगर वह मीडिया कंपनियों के कंटेंट का इस्तेमाल करें तो उसका भुगतान करें।'

ऑस्ट्रेलिया में टेक दिग्गजों का करना पड़ रहा पेमेंट

चंद्रशेखर ने बताया कि ग्लोबल टेक फर्में डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग से काफी पैसा कमाती हैं और सेक्टर में इनका दबदबा है। मीडिया ऑर्गेनाइजेशंस को इससे बड़ा नुकसान होता है। नया आईटी कानून तैयार करते समय हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। राजीव चंद्रशेखर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि न्यूज पब्लिशर्स को फिलहाल बातचीत का कोई फायदा नहीं है, इस मामले को कानूनी तरीके से हल किए जाने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया, पहला देश है जिसने कानून लाकर बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को अपने प्लैटफॉर्म पर इस्तेमाल की जाने वाली खबरों के लिए पेमेंट करने पर बाध्य किया। कनाडा सरकार का C-18 या डिजिटल न्यूज एक्ट बड़े टेक प्लैटफॉर्म्स को पेमेंट करने के लिए बाध्य करेगा। बड़े टेक प्लैटफॉर्म्स पर न्यूज पब्लिशर्स के लिंक आने पर उन्हें भुगतान करना होगा या ऑर्बिट्रेशन का सामना करना होगा।

जर्मनी, हंगरी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स और आयरलैंड में गूगल करेगी पेमेंट

अल्फाबेट के मालिकाना हक वाली कंपनी गूगल ने जर्मनी, हंगरी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड्स और आयरलैंड में 300 से ज्यादा यूरोपियन यूनियन न्यूज पब्लिकेशंस के साथ एग्रीमेंट्स पर दस्तखत किए हैं। एग्रीमेंट के तहत गूगल इन पब्लिशर्स को उनके न्यूज कंटेंट के लिए पेमेंट करेगा। इसके अलावा, गूगल कई और पब्लिशर्स से बातचीत कर रहा है। गूगल ने जर्मनी में 220 से ज्यादा न्यूज पब्लिशर्स के साथ लाइसेंसिंग एग्रीमेंट किया है। गूगल एक टूल भी लाएगा, जिससे और पब्लिशर्स उससे जुड़ सकें। EU कॉपीराइट रूल्स के मुताबिक, गूगल और दूसरे प्लेटफॉर्म्स को म्यूजिशियंस, परफॉर्मर्स, ऑर्थर्स, न्यूज पब्लिशर्स, जर्नलिस्ट्स को उनके काम के लिए भुगतान करना पड़ता है।

विकीपीडिया कंटेंट के लिए गूगल को देने होंगे पैसे

गूगल, विकीपीडिया को भी पेमेंट करेगा। यह पेमेंट गूगल के सर्च इंजन में डिस्प्ले किए जाने वाले कंटेंट के लिए किया जाएगा। विकीपीडिया फाउंडेशन का कहना है कि उसके कमर्शियल वेंचर विकीमीडिया एंटरप्राइज के लिए गूगल भुगतान करने वाला पहला कस्टमर है। गूगल, साइट के मैटीरियल का इस्तेमाल अपने नॉलेज पैनल के लिए करता है। हालांकि, पैनल में अक्सर इंफॉर्मेशन का सोर्स नहीं दिखाया जाता रहा है, जिसको लेकर विकीमीडिया ने लगातार कम्प्लेन भी की हैं।

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