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लगातार नुकसान में चल रहे Reliance के शेयर होल्डर्स के लिए खुशखबरी, बढ़ने वाले है शेयर के दाम, जानें कैसे

 

Reliance Industries Share: सरकार ने देश की ऑयल रिफानिंग और मार्केटिंग कंपनियों को निर्यात से हो रहे बड़े फायदे के मद्देनजर इन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स ( Windfall Tax) लगाने का ऐलान कर दिया। सरकार के इस फैसले के बाद  रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर जुलाई महीने में 8 फीसदी नीचे आ चुका है और टैक्स के सदमें से शेयर अब तक बाहर नहीं निकल सका है। हालांकि कई ब्रोकरेज हाउस रिलायंस के शेयर को लेकर अभी भी बुलिश हैं और उन्हें लगता है कि शेयर आने वाले दिनों में निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दे सकता है।

ब्रोकरेज हाउस ने दी रिलायंस के शेयर खरीदने की सलाह

एचडीएफसी सिक्योरिटिज (HDFC SEcurities) का मानना है कि रिलायंस के शेयर गिरावट का दौर पूरा हो चुका है। ब्रोकरेज हाउस ने  2,825 रुपये के लक्ष्य के साथ शेयर खरीदने की सलाह दी है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटिज ( ICICI Securities) ने भी 2800 रुपये के लक्ष्य के लिए शेयर खरीदने की सलाह दी है। मोतिलाल ओसवाल का भी मानना है कि शेयर 2,874 रुपये तक जा सकता है। शुक्रवार 15 जुलाई, 2022 को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.19 फीसदी की तेजी के साथ 2,401 रुपये पर क्लोज हुआ है।

कंपनियों को हो रहा था बड़ा मुनाफा 

ऑयल रिफानिंग और मार्केटिंग कंपनियों को निर्यात से हो रहे बड़े फायदे के मद्देनजर उनपर विंडफॉल टैक्स ( Windfall Tax) लगा दिया गया। पेट्रोल डीजल और एटीएफ के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान कर दिया तो घरेलू क्रूड प्रोडक्शन पर 23,450 रुपये प्रति बैरल का सेस लगा दिया। हालांकि माना जा रहा है कि सरकार कच्चे तेल के दामों में गिरावट के मद्देनजर विंडफॉल टैक्स में कमी कर सकती है. जिसपर फैसला एक से दो दिन में लिया जा सकता है।

दरअसल रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते देश की सरकारी और खासतौर से प्राइवेट ऑयल रिफाइनरी कंपनियां रूस से सस्ते में कच्चा तेल आयात कर उसे रिफाइन करने के बाद  ऊंचे दाम पर विदेशों में पेट्रोल डीजल और हवाई ईंधन बेच रही है। जिससे उन्हें जबरदस्त मुनाफा हो रहा है. विदेशों में ज्यादा पेट्रोल डीजल बेचने के कारण देश के कई राज्यों में ईंधन संकट खड़ा हो गया था। वहीं घरेलू कच्चे तेल के भी एक्सपोर्ट पर भी इन कंपनियों को फायदा हो रहा था, जिसके चलते सरकार ने इन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स लगा दिया।

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