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बाजार में करेक्शन का एक और दौर मुमकिन, सीमित दायरे में रहेगा निफ्टी - कुणाल वालिया

 

उन्होनें आगे कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार पिछले 3-6 महीनों के अवधि से 15000-17000 के बीच चक्कर लगा रहा है और आगे भी यह स्थिति कायम दिखेगी।

बाजार की आगे की चाल पर जानकारों की राय बटी हुई है। कुछ का कहना है कि अभी इसमें और गिरावट आ सकती है। वहीं कुछ का कहना है कि बाजार बॉटम आउट हो चुका है। अब यहां से इसमें खरीदारी आती नजर आएगी। Waterfield Advisors के कुणाल वालिया पहले वाले एनालिस्ट की श्रेणी में आते हैं। इनकी राय है कि बाजार में अभी और गिरावट आ सकती है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि बाजार 15000-17000 के बीच दायरे में घूमत नजर आएगा।

कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और महंगाई की हाल बाजार पर अपना असर दिखाते रहेंगे। उन्होनें आगे कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार पिछले 3-6 महीनों के अवधि से 15000-17000 के बीच चक्कर लगा रहा है और आगे भी यह स्थिति कायम दिखेगी।

कैपिटल मार्केट का 2 दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले कुणाल वालिया का कहना है कि 2022 में ग्लोबल सेंट्रल बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाते नजर आएंगे और उसके बाद ब्याज दरों में छिटपुट बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि 2023 से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दौर पर ब्रेक लग सकता है।

मनीकंट्रोल के साथ हुई अपनी बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि अगले साल की शुरुआत से महंगाई के आंकड़ों में हमें कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है।

इस वौलेटाइल मार्केट में आप कहां करना चाहेंगे निवेश? इस सवाल का जवाब देते हुए कुणाल वालिया ने कहा कि टेक्नोलॉजी एक ऐसा सेक्टर है जिसमें अक्टूर 2021 के बाद भारी गिरावट देखने को मिली है। यह सेक्टर कोविड महामारी के शुरुआत से ही ओवरवैल्यूड था। ऐसे में अब यह सेक्टर वैल्यूएशन री-रेटिंग के दौर में नजर आ रहा है।

मार्च 2020 से अक्टूबर 2020 के बीच टेक्नोलॉजी सेक्टर में काफी ज्यादा वैल्यूएशन री-रेटिंग देखने को मिली है। Nasdaq और भारतीय आईटी सेक्टर में कई ऐसे आईटी स्टॉक्स हैं जिनमें 25-30 फीसदी का करेक्शन आ चुका है। इस समय कई ऐसे स्टॉक है जिनमें इस समय एंट्री के काफी अच्छे मौके हैं और अगले 3-6 महीने में हमें इनमें निवेश के और मौके बनते दिखेंगे।

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