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रुपए की गिरावट से भी आईटी शेयरों को नहीं आ रहा जोश, एनालिस्ट से जनिए आगे कैसी रहेगी इनकी चाल

 

मार्च 2022 में समाप्त तिमाही में आईटी शेयरों की रेवेन्यू ग्रोथ दिसंबर तिमाही की तुलना में सिर्फ 1 फीसदी ज्यादा रही थी जबकि सालाना आधार पर इसमें 19 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली थी

डॉलर के मुकाबले रुपया अपने लाइफ टाइम लो के करीब चक्कर लगा रहा है और उम्मीद है कि इसमें और गिरावट आ सकती है। इसके बावजूद आईटी सेक्टर इस मौका का फायदा उठाते नजर नहीं आ रहे। बताते चलें कि सामान्य तौर पर यह माना जाता है कि डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने पर आईटी और एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को फायदा होता है।

पिछले 1 साल में आईटी इंडेक्स ने निफ्टी की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में आईटी इंडेक्स में कमजोर रुपये के बावजूद करीब 15 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। कई मैक्रो इकोनॉमी चिंताओं के चलते स्टॉक मार्केट दबाव में चल रहा है। बढ़ती महंगाई और रूस-यूक्रेन वार कुछ ऐसे कारण है जो बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं।

आज के कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 0.2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। Wipro, Corforge, HCL Tech और TCS में आज इंट्राडे में 1-2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। मार्च 2022 में समाप्त तिमाही में आईटी शेयरों की रेवेन्यू ग्रोथ दिसंबर तिमाही की तुलना में सिर्फ 1 फीसदी ज्यादा रही थी जबकि सालाना आधार पर इसमें 19 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली थी।

कोटक सिक्योरिटीज के सुमित पोखरना (Sumit Pokharna) का कहना है कि निफ्टी आईटी इंडेक्स में इस साल अब तक 31.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं इसी अवधि में बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में सिर्फ 7.9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। मार्जिन पर बने दबाव, सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें, यूरोप और अमेरिकी बाजार में मंदी की आशंका, एफआईआई की बिकवाली ने आईटी शेयरों पर दबाव बनाया है।

जनवरी 2022 से अब तक L&T Infotechमें 45 फीसदी, Wipro में 44 फीसदी, MindTree में 40 फीसदी, HCL Tech में 32 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं आईटी लॉर्जकैप की बात करें तो इस अवधि में TCS में 20 फीसदी और Infosys में 24 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

कैलेंडर ईयर 2022 / वित्त वर्ष 2023 में ग्लोबल आईटी खर्च में 8 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली सकती है। वहीं कैलेंडर ईयर 2023/ वित्त वर्ष 2023 में इस खर्च में 3-4 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। शॉर्ट टर्म में हमें आईटी खर्च में कुछ सुस्ती आती नजर आ सकती है। बाद में स्थितियां सामान्य होने की उम्मीद है।

Axis Securities के ओमकार टंकसाले (Omkar Tanksale) का कहना है कि बाजार को कारोबारी स्थितियों में मंदी की संभावना नजर आ रही है। ऐसे में आईटी कंपनियों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान आईटी शेयरों में भारी करेक्शन देखने को मिला है और अभी इनमें और गिरावट की संभावना बनी हुई है। उम्मीद है कि आगे मिडकैप आईटी कंपनियां ब्लूचिप आईटी कंपनियों के तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

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