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5G Spectrum: टेलीकॉम कंपनियों के बीच शुरू हुई दौड़, मुकेश अंबानी ने गौतम अडाणी के मुकाबले 140 गुना ज्यादा पैसे किए डिपॉजिट

 

टेलीकॉम कंपनियों के बीच 5G मोबाइल स्पेक्ट्रम की नीलामी को लेकर लड़ाई शुरू हो गई है. आज कंपनियों द्वारा नीलामी के लिए डिपॉजिट की गई अग्रिम राशि (EMD) की डिटेल्स सामने आई है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने 5G नीलामी के लिए सबसे ज्यादा 14,000 करोड़ रुपये की राशि डिपॉजिट की है. वहीं, गौतम अडाणी (Gautam Adani) की कंपनी अडाणी डेटा नेटवर्क ने 100 करोड़ रुपये की राशि डिपॉजिट की है. इसका मतलब हुआ कि मुकेश अंबानी की जियो द्वारा डिपॉजिट की गई राशि गौतम अडाणी की कंपनी के मुकाबले 140 गुना ज्यादा है.

रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच होगी टक्कर

अब साफ हो गया है कि 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में सीधी टक्कर रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच रहेगी. क्योंकि रिलायंस जियो ने अग्रिम राशि के तौर पर सबसे ज्यादा 14,000 करोड़ रुपये का डिपॉजिट किया है. इसलिए, अब मुकेश अंबानी की कंपनी इस दौड़ में दूसरी कंपनियों के मुकाबले आगे निकल गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जियो द्वारा जमा की गई राशि अडाणी डेटा नेटवर्क के मुकाबले 140 गुना ज्यादा है. इसके अलावा भारती एयरटेल ने 5,500 करोड़ रुपये रुपये की राशि डिपॉजिट की है. जबकि, वोडाफोन आइडिया ने 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 2,200 करोड़ रुपये डिपॉजिट किए हैं. जियो की राशि भारती एयरटेल से ढाई गुना और वोडाफोन आइडिया से 6.3 गुना ज्यादा है.

गौतम अडाणी की टेलीकॉम सेक्टर में उतरने की योजना नहीं

अग्रिम राशि के आधार पर, कुछ जानकारों का मानना है कि रिलायंस जियो 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 1,27,000 करोड़ रुपये की बोली लगाने की स्थिति में होगी. जबकि, भारती एयरटेल 48,000 करोड़ रुपये तक की बोली लगा सकती है. जहां डिपॉजिट की गई अग्रिम राशि इस बात की ओर संकेत करती है कि उसकी बोली लगाने की क्षमता कितनी है. वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि असल में बोली लगाते समय स्थिति बदल सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस आंकड़े से यह भी साफ होता है कि गौतम अडाणी की टेलीकॉम क्षेत्र में मुकेश अंबानी को टक्कर देने की फिलहाल कोई योजना मौजूद नहीं है. टंलीकॉम कंपनियों में जियो के पास देश में सबसे ज्यादा कंज्यूमर मौजूद हैं. गौतम अडाणी स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग एक प्राइवेट नेटवर्क बनाने के लिए कर रहे हैं, जिससे भारत में उनका कारोबार आपस में जुड़ सके. उनकी कंज्यूमर नेटवर्क के बाजार में उतरने की कोई योजना नहीं है.

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