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राकेश झुनझुनवाला के इस शेयर की कीमत रह गई है आधी, निवेशक शेयर बेचें, खरीदें या होल्ड करें, पढ़ें एक्सपर्ट्स की राय

 


नई दिल्ली. बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के निवेश वाली कंपनी जुबिलेंट फार्मोवा लिमिटेड के शेयर में पिछले एक साल में 55 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. पिछले एक महीने में यह शेयर 16 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. इससे इसके शेयरधारकों को खासा नुकसान हुआ है. यह कंपनी रेमिडिसविर जैसी दवाई बनाती है जिसका कोरोना महामारी के दौरान खूब इस्तेमाल हुआ.

राकेश झुनझुनवाला के पास जुबिलेंट फार्मोवा के 1,07,70,000 शेयर हैं. ये कंपनी की कुल हिस्सेदारी का 6.8 फीसदी हैं. 52 हफ्ते के उच्च शिखर 889.45 रुपये के स्तर से यह शेयर गिरकर 385.90 रुपये पर आ गया है. मंगलवार को भी यह 5.21 फीसदी की कमजोरी पर बंद हुआ. ऐसे में इस शेयर के निवेशकों को अब क्या करना चाहिए, वे शेयर बेच दें या रखें रहें, इस बारे में ये है एक्सपर्ट्स की राय.

मोतीलाल ओसवाल

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि नियामक मामलों, एपीआई कारोबार में धीमी रिकवरी और बढ़ी हुई लागत के कारण मध्यम अवधि में कंपनी के ग्रोथ पर दबाव बना रहेगा. चालू वित्त वर्ष में इसका ग्रोथ सपाट रह सकता है. अमेरिकी बाजार में कीमतों पर दबाव रहने और रेमडिसविर की बिक्री घटने से इसके जेनेरिक कारोबार पर असर पड़ रहा है. लेकिन हाल में आई गिरावट की वजह से इसके शेयर का मूल्य उचित स्तर पर पहुंच गया है. मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज का अनुमान है कि इसके शेयर का भाव 430 रुपये तक जा सकता है.

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज

ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इस शेयर को ‘होल्ड’ से ‘एड’ में अपग्रेड किया है. फर्म के मुताबिक, पिछले छह महीनों में हुए सुधार ने इस शेयर को एक अच्छा सौदा बना दिया है. आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है, “कीमत में हालिया सुधार ने मूल्यांकन को उचित बना दिया है. इसलिए हम 447 रुपये प्रति शेयर (पहले 550 रुपये प्रित शेयर) के संशोधित टारगेट प्राइस के साथ इस शेयर को होल्ड से एड में अपग्रेड करते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में इसके और शेयर जोड़ सकते हैं.

निर्मल बंग इक्विटीज

निर्मल बंग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि निकट भविष्य में इसमें कमजोरी आती दिख रही है. जबकि एपीआई और ड्रग डिस्कवरी कारोबार को पुनर्गठित करने का फायदा मध्यम से लंबी अवधि में मिलना चाहिए. कंपनी का पुनर्गठन जुलाई में पूरा होने की उम्मीद है. रुड़की स्थित प्लांट पर इंपोर्ट ऑर्डर पर लगी पाबंदी हटने के बाद कंपनी का जेनेरिक कारोबार सुधर सकता है. निर्मल बंग ने इस शेयर का टारगेट प्राइस 532 रुपये दिया है.

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