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Jawan में SRK का लुक यहां से कॉपी है, नकल के सहारे कब तक चलेगा बॉलीवुड?

 


बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान पांच साल के लंबे अंतराल के बाद कमबैक करने की तैयारी कर रहे हैं. अगले उनकी एक साथ तीन फिल्में रिलीज होने वाली हैं. 'पठान', 'डंकी' और 'जवान'. इसमें फिल्म 'जवान' का टीजर और पोस्टर रिलीज किया गया है. इस पोस्टर में शाहरुख खान का लुक हॉलीवुड की एक फिल्म से कॉपी किया गया है.

क्या सलमान, शाहरुख और आमिर खान, इस वक्त तो अक्षय कुमार और कंगना रनौत जैसे सुपरस्टार्स की फिल्में भी फ्लॉप हो रही हैं. ऐसे दौर में भी बॉलीवुड न तो समझने का नाम ले रहा है, न ही सुधरने का. पता नहीं ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है या फिर उसके पल्ले ही नहीं पड़ रहा. वरना पांच साल बाद कमबैक करने जा रहे शाहरुख खान अपनी नई फिल्म 'जवान' में अपना लुक किसी हॉलीवुड फिल्म से कॉपी करते नजर नहीं आते. हर किसी को पता है कि इस फ्रेश कंटेंट की डिमांड ज्यादा है. दर्शक पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुके हैं.

हम सभी डिजिटल युग में रह रहे हैं. ऐसे में फिल्म मेकर्स को खुद को चालाक समझना छोड़ देना चाहिए. उनको पता होना चाहिए कि इस वक्त एक टच में कहीं से कोई भी जानकारी मिनटों में हासिल की जा सकती है. जैसे कि शाहरुख खान की फिल्म 'जवान' के साथ हुआ. इस फिल्म का टीजर और पोस्टर बहुत जोर-शोर से लॉन्च किया गया. टीजर में शाहरुख खान एक रहस्यमयी जवान के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिसका पूरा चेहरा पट्टियों से ढ़का हुआ है. सिर्फ एक खुली है, जो खून से लाल है. हाथों में गन लिए उनका किरदार पहली झलक में तो धांसू लगता है, लेकिन जैसे ही उनका पूरा लुक दिखाई देता है, उनकी चोरी पकड़ी जाती है.

शाहरुख खान का कमबैक क्‍या 'नकल' से हो पाएगा?

दरअसल फिल्म 'जवान' में शाहरुख खान के किरदार के ये लुक 1990 में रिलीज हुई हॉलीवुड की सुपहीरो फिल्म 'डार्कमैन' से कॉपी की गई है. इसमें अभिनेता लियाम नीसन के किरदार का चेहरा एक विस्फोटक से क्षतिग्रस्त हो जाता है. इसके बाद वो एक कृत्रिम त्वचा विकसित करता है, जिसकी वजह से उसके चेहरे पर भी काफी पट्टियां बंधी नजर आती हैं. इसी घटना के बाद से प्रतिशोध की भावना से भरकर वो 'डार्कमैन' बन जाता है. फिल्म 'डार्कमैन' साल 1990 में रिलीज हुई थी. इसके बाद साल 1995 में इसका दूसरा पार्ट 'डार्कमैन 2' और साल 1996 में तीसरा पार्ट रिलीज हुआ था. तीनों ही पार्ट को पूरी दुनिया में खूब देखा गया था. हिंदुस्तान में भी हॉलीवुड फिल्मों के दीवानों ने देखा था.

ऐसे में शाहरुख खान का लुक देखते ही लोगों ने पकड़ लिया कि इसे हॉलीवुड फिल्म से कॉपी किया गया है. अब यहां सवाल ये उठता है कि बॉलीवुड के ये कथित सुपरस्टार रीमेक और कॉपी के भरोसे कब तक अपना काम चलाते रहेंगे. खास करके तीनों खान की दुकान तो रीमेके ही भरोसे चलती है. कभी हॉलीवुड से कॉपी करते हैं, तो कभी साउथ सिनेमा से. उदाहरण के लिए आमिर खान की आने वाली फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' को ही ले लीजिए, जो कि हॉलीवुड फिल्म 'फॉरेस्ट गंप' की हिंदी रीमेक है. साल 1994 में रिलीज हुई इस फिल्म को रॉबर्ट जेमेकिस ने निर्देशित किया था. इसी तरह हाईब्रीड मॉडल में रिलीज हुई सलमान खान की फिल्म 'राधे: योर मोस्ट वांटेड' कोरियन फिल्म 'आउटलॉज' की हिंदी रीमेक हैं.

मुझे समझ नहीं आ रहा है कि बॉलीवुड के लोग इस बात कब स्वीकार करेंगे कि दर्शकों का फिल्म देखने का मिजाज और स्वाद अब पूरी तरह से बदल चुका है. अब सेट फार्मूले के तहत फिल्में बनाकर सफलता हासिल नहीं हो सकती. न ही रीमेक और बायोपिक फिल्में पहले की तरह बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल कर सकती हैं. साउथ के फिल्म मेकर्स होशियार हो चुके हैं. उन्हें समझ में आ चुका है कि पैन इंडिया फिल्में रिलीज करने से कमाई कई गुना बढ़ जाती है. इसलिए अब ज्यादातर फिल्में हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषा में बनाकर रिलीज कर रहे हैं, जबकि बॉलीवुड अभी भी बिना मेहनत कमाई का फार्मूला खोजने में लगा हुआ है. शायद अभी नींद नहीं खुल पाई है.

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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