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Infosys के शेयर हाई से 22 प्रतिशत गिरे, फिर भी जेफरीज ने क्यों दी खरीदने की सलाह ?

 

इंफोसिस के शेयर अपने हाई से लगभग 22 प्रतिशत गिर चुके हैं. आज सोमवार को इंफोसिस के शेयर 1530 रुपए के आस-पास ट्रेड कर रहे हैं.

Infosys Share Price : आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंफोसिस (Infosys) के शेयर चौथी तिमाही के रिजल्ट के बाद लगातार गिर रहे हैं. मार्जिन प्रेशर और ग्रोथ की बढ़ती चिंताओं की वजह शेयर पर दबाव बना हुआ है. लिहाजा कंपनी के शेयर अपने हाई से लगभग 22 प्रतिशत गिर चुके हैं. आज सोमवार को इंफोसिस के शेयर 1530 रुपए के आस-पास ट्रेड कर रहे हैं.

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के विश्लेषकों का मानना है कि इन्फोसिस वित्त वर्ष 2023-25 में रेवेन्यू/ ईपीएस में 11 से 15 प्रतिशत सीएजीआर देने के लिए तैयार दिख रही है. अमेरिका में कम बेरोजगारी दर ऑफशोरिंग को बढ़ावा दे सकती है. वहीं, अगले पांच वर्षों के लिए सीईओ की दोबारा नियुक्ति भी कंपनी के आत्मविश्वास को बढ़ाती है.

टारगेट प्राइस 1830 रुपए

ब्रोकरेज हाउस ने आईटी स्टॉक पर 1,830 रुपए प्रति शेयर के संशोधित टारेगट प्राइस के साथ अपनी बाय रेटिंग को दोहराया है. हालांकि, ब्रोकरेज ने कम ग्रोथ पर तेज गिरावट का खतरा भी बताया है.

भले ही इंफोसिस का रेवेन्यू ग्रोथ सीधे तौर पर अमेरिका की वास्तविक जीडीपी को फॉलो करता है लेकिन उससे को-रिलेशन कम है. इसके अलावा जेफरीज ने इंफोसिस के यूएस डॉलर ग्रोथ में कमी का अनुमान भी दिया. ब्रोकरेज का ने कहा हैकि डॉलर ग्रोथ वित्त वर्ष 2023 की 14 फीसदी की तुलना में वित्त वर्ष 2025 में 10 फीसदी पर आ जाएगा. यह सीधे सीधे जीडीपी में धीमी गति से जुड़ा है.

कंपनी का खर्च बढ़ेगा

जेफरीज ने अपने नोट में कहा है कि क्लाउड एडॉप्शन अभी भी 40% से कम के स्तर पर है, मतलब आगे तकनीकी खर्च और बढ़ेगा. वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका में मल्टी ईयर लो अनइम्प्लायमेंट और कमजोर आर्थिक वातावरण आउटसोर्सिंग/ऑफशोरिंग को प्रोत्साहन देगा. लिहाजा इंफोसिस को मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी. ब्रोकरेज के मुताबिक, इंफोसिस का रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन वित्त वर्ष 2023 में सालाना आधार पर 13 फीसदी या 21 फीसदी पर रह सकता है, जो इसका निचला स्तर है.

जेफरिज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में ग्रोथ थोड़ा घटकर 9 फिसदी के लेवल पर आ सकती है. वहीं, अगले दो वर्षों में मार्जिन रिकवर होकर 21.9 फीसदी पर रह सकता है. डिमांड में कमी वेज प्रेसर को कम करेगी. इंफोसिस का मार्जिन परफॉर्मेंस मार्च तिमाही में कमजोर था.

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