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क़र्ज़ में डूबी आईएलएंडएफएस को आदेश- लौटाओ लेनदारों के 16 हजार 361 करोड़

 


अंतरिम वितरण के बारे में एनसीएलएटी ने कहा कि इसे नए बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा और वितरण आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।

नई दिल्ली। कर्ज के बोझ पहले ही कराह रहे आईएलएंडएफएस (IL & FS) समूह के नए बोर्ड की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) (National Company Law Appellate Tribunal ) (NCLT) ने बोर्ड को आदेश दिया है कि वह समूह के लेनदारों को आनुपातिक आधार (Pro-rata basis) पर 16,361 करोड़ रुपये नकद और इनविट यूनिट ( cash and InvIT units ) के रूप में दे।

इस 16,361 करोड़ रुपये की राशि में 11,296 करोड़ रुपये नकद और 5,065 करोड़ रुपये इनविट (इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट) यूनिट के रूप में हैं। इसका अधिकांश हिस्सा समूह की तीन बड़ी फर्मों – आईएलएंडएफएस, आईएफआईएन और आईटीएनएल के लेनदारों को दिया जाएगा।

चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘विशेष मामलों को छोड़कर अंतरिम वितरण केवल उन संस्थाओं तक ही सीमित होगा, जैसा कि अनुलग्नक-6 में दर्शाया गया है, और 16,361 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिसमें 11,296 करोड़ रुपये नकद और 5,065 करोड़ रुपये की इनविट यूनिट शामिल होंगी।’’

अंतरिम वितरण के बारे में एनसीएलएटी ने कहा कि इसे नए बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लागू किया जाएगा और वितरण आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने आईएलएंडएफएस को इस महीने के अंत तक समाधान प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई 2022 को होगी।

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