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एलियंस ने हाईजैक किया नासा का वॉयजर-1? स्पेसक्राफ्ट भेज रहा है रहस्यमयी मैसेज

 


अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का स्पेसक्राफ्ट वॉयजर-1हमारे सौर मंडल के बाहर की यात्रा पर है। नासा ने इस स्पेसक्राफ्ट को 45 साल पहले रहस्यों से भरे अंतरिक्ष में भेजा था। लेकिन वॉयजर अब अजीबोगरीब डेटा भेजा रहा है, जिसके कारण उसके वैज्ञानिक हैरान हैं। अब एक इल्यूजनिस्ट और मैजिशियन यूरी गेलर का दावा कि, इस स्पेसक्रास्ट को एलियन ने हाईजैक कर लिया है और वे उससे जबरदस्ती अस्पष्ट मैसेज भेजने को मजबूर कर रहे हैं।

वॉयजर-1 अंतरिक्ष यान भेज रहा अजीबोगरीब मैसेज

खगोलविदों ने हाल ही में महसूस किया कि स्पेसक्राफ्ट वॉयजर-1 जो डेटा भेज रहा है वह बकवास है। दिमागी क्षमता से चम्मच को मोड़ने वाले यूरी गेलर का दावा है कि, इस स्पेसक्राफ्ट को एलियन ने कब्जे में ले रखा है। जंक टेलीमेट्री डेटा एक 'गड़बड़' था। वहीं नासा का कहना है कि उसका अंतरिक्ष यान वायजर ठीक तरह से काम कर रहा है। लेकिन वह जो डेटा भेज रहा है वह हैरान करने वाला है।

एलियन भेज रहे हैं सिग्नल

मिल्की वे के एक लाइव फीड वीडियो में यूरी ने कहा कि, यह कोई गड़बड़ नहीं है। ये एक अलौकिक सभ्यता से एलियंस के संकेत हैं। मैं बहुत कुछ जानता हूं। मैंने देखा है, मैंने धारण किया है, मैंने अनुभव किया है। यूरी ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है कि, वॉयजर-1 स्पेसक्राफ्ट 1977 में पृथ्वी से निकला और अब 14.5 बिलियन मील दूर है! लेकिन नासा अब वह प्राप्त कर रहा है जिसे वह 'असंभव डेटा' कहता है।

यूरी का दावा-स्पेसक्राफ्ट एलियन के कब्जे में है

यूरी ने अपनी लैंडिग थ्योरी में दावा किया है कि, ये गड़बड़ी एक नियंत्रित सिस्टम से भेजी गई अभिव्यक्ति है। लेकिन शायद यह एक नियंत्रित सिग्नल हैं? यदि आप मुझसे पूछे तो ये सिग्नल एलियंस द्वारा भेजे जा रहे हैं। इससे पहले नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री की एक प्रोजेक्ट मैनेजर सुजैन डॉड ने कहा कि, 'वायेजर का इस तरह व्यवहार करना एक रहस्यमय बात है। वॉयजर का एएसीएस सिस्टम सही जानकारी नहीं दे रहा है।

नासा की समझ से बाहर हैं भेजे गए मैसेज

एएसीएस वॉयजर की जगह की जानकारी देने के अलावा वह कई अन्य काम करता है। उनमें से एक वॉयजर के एंटीना को पृथ्वी की ओर रखना है। अभी इस कारण वॉयजर में कोई समस्या नहीं देखने को मिली है। एंटीना लगातार सिग्नल भेज रहा है, यानी कि वह सही से काम कर रहा है और पृथ्वी की तरफ है। वॉयजर का सिस्टम कमांड के हिसाब से सही काम कर रहा है लेकिन यह जो डेटा पृथ्वी पर वापस भेज रहा है, माना जाता है कि वह अस्पष्ट है, और समझ के बाहर है।

वॉयजर-1 पुराने डेटा से अलग हैं ये नए मैसेज

सुजैन डॉड का कहना है कि वॉयजर-1 द्वारा भेजा गया यह डेटा दूसरे डेटा से मैच नहीं हो रहा है। नासा के लिए यह डाटा बहुत जरूरी है, क्योंकि वो इससे तारों के माध्यम से धरती की सही दिशा में उसका एंटीना रखा जा सकेगा। वह एरर वाले डेटा भेज रहा है, जिसे सुधारने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक हमारी जांच में इसकी वजह से कोई समस्या नजर नहीं आई है। उन्होंने कहा कि अभी तक हमारी जांच में इसकी वजह से कोई समस्या नजर नहीं आई है।

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