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Adani Group stocks: अडानी ग्रुप के मल्टीबैगर शेयरों में पिंड छुड़ा रहे हैं इनवेस्टर्स! यहां जानिए असली वजह

 


अडानी ग्रुप (Adani Group) के कई शेयरों ने अपने इनवेस्टर्स को मालामाल बनाया है। लेकिन पिछले दो दिनों में कंपनी के अधिकांश शेयरों में भारी गिरावट आई है। MSCI India Index में नए शेयर जोड़े गए हैं और इससे इंडेक्स में अडानी ग्रीन का वेटेज कम हुआ है। जानकारों का कहना है कि दूसरी कंपनियों की तुलना में अडानी ग्रुप की कंपनियों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है।

नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी (Gautam Adani) की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप (Adani Group) के कुछ शेयरों में मंगलवार को भारी गिरावट आई। इससे अडानी की नेटवर्थ में 3.69 अरब डॉलर यानी करीब 28,611 करोड़ रुपये की गिरावट आई और वह अमीरों की लिस्ट में आठवें नंबर पर खिसक गए। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire Index) के मुताबिक नेटवर्थ अब 98.1 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 21.6 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी 96.0 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ नौवें नंबर पर पहुंच गए हैं। सोमवार को उनकी नेटवर्थ में 2.09 अरब डॉलर की तेजी आई। अडानी और अंबानी की नेटवर्थ में अब केवल 2.1 अरब डॉलर का फासला रह गया है।

ब्लूमबर्ग के एक रिपोर्ट के मुताबिक निवेशकों ने MSCI India Index में हुए बदलाव के हिसाब से अपनी होल्डिंग्स को एडजस्ट किया जिससे अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट आई। मार्केट कैप के हिसाब से अडानी ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी अडानी ग्रीन (Adani Green) के ट्रेडिंग वॉल्यूम में 12 फीसदी गिरावट आई। इसी तरह अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas), अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) और अडानी पावर (Adani Power) में भी पांच फीसदी गिरावट आई। बुधवार को भी अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट दिख रही है।

क्यों कम हुआ अडानी ग्रीन का वेटेज

MSCI India Index में नए शेयर जोड़े गए हैं और इससे इंडेक्स में अडानी ग्रीन का वेटेज कम हुआ है। जानकारों का कहना है कि दूसरी कंपनियों की तुलना में अडानी ग्रुप की कंपनियों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका है। अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में हाल में काफी तेजी आई थी और वह अंबानी को पछाड़कर एशिया और भारत के सबसे बड़े अमीर बन गए थे। Edelweiss Alternative & Quantitative Research में एनालिस्ट अभिलाष पगारिया ने पिछले महीने एक नोट में कहा कि MSCI India Index में अडानी ग्रीन का वेटेज कम होने से निवेशक इस शेयर से 22 करोड़ डॉलर निकाल सकते हैं।

हालांकि अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone Ltd) इस बिकवाली से बचने में सफल रही हैं। अडानी ग्रुप के कुछ शेयरों जैसे Adani Green, Adani Total Gas और Adani Enterprises को लेकर एनालिस्ट कवरेज नहीं है और इनकी वैल्यू बहुत अधिक है। इससे इनवेस्टर्स के सामने कई बार सही तस्वीर नहीं आ पाती है।

विदेशी फंडों की हिस्सेदारी

Bloomberg Intelligence के स्ट्रैटजिस्ट नितिन चंडुका ने कहा कि अडानी ग्रुप के शेयरों में कुछ विदेशी फंडों की अहम हिस्सेदारी है। यह भी अपने आप में एक जोखिम है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकांश शेयर कुछ लोगों की पास होंगे तो इसका पब्लिक फ्लोट प्रभावित होगा। इससे शेयरों में असमान उतार-चढ़ाव की आंशका रहेगी। जानकारों का यह भी कहना है कि अडानी ग्रुप के शेयरों के बारे में जानकारी मिलना मुश्किल है क्योंकि कई शेयरों का एनालिस्ट कवरेज नहीं है। सेक्टर की कंपनियों से तुलना करें तो वैल्यूएशन में जमीन-आसमान का अंतर है।

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