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इंडिया में ZTE और Vivo पर वित्तीय अनिमितताओं के आरोप, इनवेस्टिगेशन एजेंसियां कर रही हैं जांच

 


जांच एजेंसियों ने बताया है कि इंडिया में चीन की कुछ कंपनियां टैक्स की चोरी में भी शामिल रही हैं।

इंडिया में ZTE और Vivo Mobile Communications की लोकल यूनिट्स की जांच हो रही है। इन कंपनियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इससे पहले चीन की Xiaomi की जांच हुई थी। मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑडिटर की रिपोर्ट्स की जांच करेगी। सरकार को अज्ञात स्रोतों से इन दो कंपनियों के कानून का उल्लंघन करने की जानकारी मिली है।

सरकार को मिले डॉक्युमेंट के मुताबिक, Vivo के खिलाफ अप्रैल में जांच की सिफारिश की गई थी। ओनरशिप और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में बड़ी अनियमितताओं की जांच की गई थी। अधिकारियों को ZTE के रिकॉर्ड्स की भी जांच करने को कहा गया था।

साल 2020 में सीमा पर इंडिया और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उसके बाद से सरकार ने चीन की कंपनियों के खिलाफ जांच तेज कर दी थी। तब से 200 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इनमें अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग की शॉपिंग सर्विसेज, बाइटडांस और शियोमी के फोन ऐप्स शामिल हैं।

जांच एजेंसियां चीन के एक दर्जन से ज्यादा लोन ऐप्स की निगरानी कर रही हैं। ये ऐप्स कम इनकम वाले लोगों को फटाफट लोन देती हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये लोन एप्स चीन में इंडियन कस्टमर्स के डेटा भेजते हैं, जहां इनका दुरुपयोग किया जा सकता है।

जांच एजेंसियों ने बताया है कि इंडिया में चीन की कुछ कंपनियां टैक्स की चोरी में भी शामिल रही हैं। जीएसटी इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कुछ कंपनियां बैगर वास्तविक गुड्स एंड सर्विसेज रिसीट के इनपुट टैक्स क्रेडिट्स (ITC) का फायदा उठा रही थीं। यह भी पता चला था कि ये कंपनियां कस्टमर्स से जीएसटी ले रही थी, लेकिन उन्हें सरकार के पास डिपॉजिट नहीं कर रही थीं।

चीन की कुछ कंपनियों पर इंडियन कंपनियों के साथ मिलकर चीन स्थित कंपनियों को फेक इनवॉयस जारी करने के आरोप लगे थे। साल 2021 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ZTE कॉर्प पर छापे मारे थे। इसमें सैकड़ों करोड़ रुपये का टैक्स नहीं चुकाए जाने की जानकारी मिली थी।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फरवरी में बताया था कि चीन की टेक्नोलॉजी कंपनी हुवैई कई साल तक फ्रॉड के जरिए इंडिया में टैक्स चुकाने से बचती रही। इननकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले साल Xiaomi और Oppo के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया था। दोनों कंपनियों को इनकम टैक्स के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था।

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