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Zomato Share Price नए निचले स्तर पर पहुंचा, इन 4 वजहों से स्टॉक में नहीं थम रही गिरावट

 

Zomato का शेयर नए निचले स्तर पर पहुंचा, इन 4 वजहों से स्टॉक में नहीं थम रही गिरावट

जोमैटो का स्टॉक अपने 76 रुपये के इश्यू प्राइस की तुलना में 30 फीसदी टूट चुका है। जोमैटो का शेयर स्टॉक एक्सचेंजेस में 23 जुलाई, 2021 को लिस्ट हुआ था

Zomato Ltd Share : जोमैटो का शेयर 10 मई को बीएसई (BSE) पर 7.6 फीसदी कमजोर होकर 52.45 रुपये पर बंद हुआ, जो उसका रिकॉर्ड लो है। इस गिरावट के साथ स्टॉक अपने 76 रुपये के इश्यू प्राइस की तुलना में 30 फीसदी टूट चुका है। जोमैटो का शेयर स्टॉक एक्सचेंजेस में 23 जुलाई, 2021 को लिस्ट हुआ था।

शेयर ने 16 नवंबर, 2021 को बीएसई पर 169.10 रुपये का रिकॉर्ड हाई छूआ था, लेकिन वहां से अब 70 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुका है। इस प्रकार कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग 1 लाख करोड़ रुपये कम हो चुकी है।

फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म (food delivery platform) मार्केट वैल्यू 2021 की शुरुआत की पिछली निजी वैल्यूएशन 5.4 अरब डॉलर से नीचे है। वहीं जोमैटो की राइवल स्विगी (Swiggy) की वैल्यू पिछली बार 10.7 अरब डॉलर आंकी गई थी।

इनवेस्टर्स उत्सुकता के साथ कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जिसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

ब्लूमबर्ग के छह एनालिस्ट्स के मुताबिक, मार्च तिमाही में 372 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ कंपनी का रेवेन्यू 1,256 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। लगातार गिरावट के बावजूद जोमैटो को 15 ‘बाई’ रेटिंग, तीन होल्ड और एक बिकवाली की रेटिंग मिली हैं।

हम यहां उन 4 वजहों के बारे में बता रहे हैं, जिसके चलते जोमैटो के शेयर में लगातार गिरावट बनी हुई है...

बाजार में उतार-चढ़ाव,

Volatile market : एनालिस्ट्स ने कहा कि आंशिक रूप से इसकी मुख्य वजह ग्लोबल फैक्टर हैं। इनमें ब्याज दरों में बढ़ोतरी, रूस-यूक्रेन युद्ध, महंगाई में इजाफा और कंपनी की एनालिस्ट/ इनवेस्टर्स के साथ संवाद की इच्छा (साथ ही ट्विटर पर अपने हिसाब से डाटा शेयर करना/ टिप्पणियां करना) शामिल हैं।

ईसॉप खर्च,

ESOP expenses : इनवेस्टर्स Zomato सहित कई न्यू एज कंपनियों के ईसॉप पर भारी खर्च करने और इसके प्रॉफिटेबिटी पर असर को देखते हुए खुश नहीं है। इनवेस्टर्स की चिंता है कि ये कंपनियां टैलेंट को रोके रखने के नाम पर हर तीन से पांच साल में ऐसे ईसॉप योजनाएं जारी रख सकती हैं।

घाटे वाली कंपनियों में निवेश,

जोमैटो ने Blinkit, Shiprocket  और Magicpin में निवेश किया है, जिसमें एमडी दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) के व्यक्तिगत हित या भागीदारी रही है। इससे हितों के टकराव से जुड़े सवाल खड़े होते हैं।

जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “हम आईपीओ की प्रक्रिया के दौरान इन चिंताओं को उठाने में नाकाम रहे, जबकि कम से कम ब्लिंकिट के मामले में यह बिल्कुल स्पष्ट था।”

जेएम फाइनेंशियल ने कहा, हमें उम्मीद है कि कंपनी या प्रबंधन इस मामले में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश करेगा।

एनबीएफसी लाइसेंस,

NBFC licence : Zomato ने हाल में अपने डिलिवरी पार्टनर्स, कस्टमर्स और रेस्टोरैंट पार्टनर्स को शॉर्ट टर्म क्रेडिट की सुविधा शुरू करने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने दावा किया कि इससे उसके पार्टनर्स के लिए अनुभव में सुधार होगा।

एनालिस्ट्स ने कहा, हम ज्यादा डिस्क्लोजर्स का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि लेंडिंग से उसकी या सब्सिडियरी की बैलेंसशीट पर असर पड़ सकता है।

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