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वोडा-आइडिया में निवेश के लिए एमेजॉन से बात

 


आदित्य बिड़ला समूह संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया में 20,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने के लिए अमेरिकी रिटेल दिग्गज एमेजॉन सहित कई निवेशकों से बात कर रहा है। बैंकिंग सूत्रों ने कहा कि इस रकम का उपयोग 5जी नीलामी में बोली लगाने और साल के अंत तक 5जी सेवा शुरू करने के वास्ते पूंजीगत व्यय के लिए किया जाएगा।

एमेजॉन के अलावा बिड़ला समूह कई प्राइवेट इक्विटी निवेशकों से भी बात कर रहा है, जो भारत के दूरसंचार क्षेत्र में निवेश की योजना बना रहे हैं। बैंकिंग सूत्रों ने कहा, 'कई फर्मों से बात चल रही है और नए निवेश की घोषणा जल्द की जा सकती है। इसमें 10,000 करोड़ रुपये तक इक्विटी निवेश और शेष कर्ज के तौर पर हो सकता है।' आदित्य बिड़ला समूह और एमेजॉन के प्रवक्ताओं ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

वोडाफोन आइडिया का शेयर 4.14 फीसदी बढ़त के साथ 9.3 रुपये पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का कुल मूल्यांकन 29,870 करोड़ रुपये रहा। नए संभावित निवेशकों ने सवाल किया है कि सरकार अगर कंपनी के बकाया कर्ज के बदले हिस्सेदारी लेगी तो कंपनी प्रबंधन में उसकी क्या भूमिका रहेगी। कंपनी ने निर्णय किया है कि ब्याज को इक्विटी में बदलने के लिए शुद्घ मौजूदा मूल्य (एनपीवी) के लिए गणना की प्रभावी तिथि इस साल 10 जनवरी तय की है। समायोजित सकल राजस्व मद बकाया और टाली गई स्पेक्ट्रम देनदारी की मॉरेटोरियम अवधि के लिए ब्याज देनदारी का एनपीवी 16,130 करोड़ रुपये है। सरकार द्वारा दूरसंचार क्षेत्र की मदद के लिए कई उपाय किए जाने के बाद निवेशकों ने वोडाफोन आइडिया में निवेश के लिए दिलचस्पी दिखाई है। इस साल मार्च में दूरसंचार विभाग ने कंपनियों को बैंक गारंटी वापस करने का निर्देश दिया था। अब तक करीब 16,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी वापस की जा चुकी है, जिससे कंपनी को वित्तीय मदद मिली है।

इसके अलावा दोनों प्रवर्तकों ने भी तरजीही इक्विटी के जरिये 4,500 करोड़ रुपये का नया निवेश किया है। प्रवर्तकों को ये शेयर 13.3 रुपये प्रति शेयर भाव पर जारी किए गए थे। इनमें से वोडाफोन समूह ने 3,375 करोड़ रुपये और आदित्य बिड़ला समूह ने 1,125 करोड़ रुपये का निवेश किया था। तरजीही आवंटन के बाद कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 74.99 फीसदी हो गई है। ब्याज को इक्विटी में बदलने के बाद सरकार की हिस्सेदारी 33 फीसदी होने की उममीद है। कंपनी पुणे और गांधीनगर में सफल परीक्षण करने के बाद 5जी तकनीक पर निवेश करने की इच्छुक है।

इस बीच दूरसंचार नियामक ट्राई ने 5जी स्पेक्ट्रम की कीमत शुरुआती आकलन से करीब 36 फीसदी तक कम कर दी है।

ट्राई ने स्पेक्ट्रम के लिए 50 फीसदी अग्रिम भुगतान के साथ बाकी रकम स्पेक्ट्रम की पूरी अवधि के दौरान करने की अनुमति देने की सिफारिश की है। इस कदम से भी दूरसंचार ऑपरेटरों को काफी मदद मिलेगी।

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