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लुढ़कते शेयर बाजार में जो निवेशक करते हैं यह काम, वो रहते हैं बहुत फायदे में

 

लुढ़कते शेयर बाजार में जो निवेशक करते हैं यह काम, वो रहते हैं बहुत फायदे में

निवेशकों को ऐसी कंपनियों से दूर रहना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स कमजोर हैं.

नई दिल्‍ली. भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से भारी गिरावट आई है. हालांकि, 26 मई को बाजार में अच्‍छी तेजी आई है. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 503.27 अंक यानी 0.94 फीसदी की बढ़त के साथ 54,252.53 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी 144.35 अंक यानी 0.90 फीसदी की मजबूती के साथ 16,170.15 के स्तर पर बंद हुआ. भारत का बेंचमार्क निफ्टी साल 2022 में अब तक 7 फीसदी टूटा है जबकि पिछले 1 साल में इसमें करीब 14 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

बाजार जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार निवेशकों को बाजार में होने वाले करेक्‍शन का फायदा उठाना चाहिए. बाजार की गिरावट का प्रयोग अपने पोर्टफोलियो में शामिल खराब क्वालिटी के शेयरों से छुटकारा पाने के लिए करना  चाहिए. इसके साथ उन्‍हें मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के बढि़या क्‍वालिटी के स्‍टॉक्‍स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए. भूलकर भी ऐसे शेयरों को नहीं खरीदना चाहिए जिनमें बहुत ज्‍यादा गिरावट आई है.

ऐसी कंपनियों से रहें दूर

मनीकंट्रोल डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक Tradingo के फाउंडर पार्थ न्याति का कहना है निवेशकों को ऐसी कंपनियों से दूर रहना चाहिए जिनके फंडामेंटल्स कमजोर हैं. पेनी स्टॉक्स, ओवरवैल्यूड और खबरों पर आधारित स्टॉक्स की भी उपेक्षा करनी चाहिए. न्‍याति का कहना है कि अगर उनके पास ऐसे स्‍टॉक हैं तो नफ़ा-नुकसान पर विचार किए बिना तुरंत इन शेयरों को बेच देना चाहिए. निवेशकों को ऐसी कंपनियों में निवेश करना चाहिए जिनका वैल्यूएशन अच्छा हो और जिनको प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल हो.

हाई क्‍वालिटी स्‍टॉक्‍स में करें निवेश

गिरावट पर खरीद के मौके तलाश रहे निवेशकों को जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services)  के वी के विजयकुमार का कहना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का बोलबाला है. इसलिए निवेशकों को मध्‍यम और लॉन्‍ग टर्म के लिए हाई क्‍वालिटी स्‍टॉक्‍स को खरीदना चाहिए. इस समय मीडियम और लॉन्‍ग टर्म के लिए वित्‍तीय और बैंकिंग सेक्‍टर के प्रमुख स्‍टॉक्‍स में अच्‍छी संभावनाएं नजर आ रही हैं.

क्‍या है आगे संभावना?

वी के विजयकुमार कच्‍चे तेल में तेजी और विदेशी संस्‍थागत निवेशकों की तरफ से हो रही बिकवाली को भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानते हैं. उनका कहना है कि अब कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि बाजार अब स्थिर हो रहा है. यह वर्तमान स्‍तर के आसपास कंसोलिटेड हो रहा है. अमेरिकी शेयर बाजार के बारे में भी अब कहा जा रहा है कि इसने मंदी के डर को काफी हद तक पचा लिया है. अपने उच्‍चतम स्‍तर से 19 फीसदी गिरने के बाद S&P 500  ने बाउंसबैक किया है. यह एक अच्‍छा संकेत है.

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