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Solara Active Pharma के शेयर में 20% की गिरावट, सीईओ राजेंद्र राव के इस्तीफे से लगा झटका

 

Solara Active Pharma के शेयर में 20% की गिरावट, सीईओ राजेंद्र राव के इस्तीफे से लगा झटका

सोलारा एक्टिव फार्मा का शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 1,859 रुपये से लगभग 70 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है

Solara Active Pharma Share : सोलारा एक्टिव फार्मा साइंसेज का शेयर सोमवार को 20 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 511.55 रुपये पर आ गया, जो उसका 52 हफ्ते का निचला स्तर है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पद से राजेंद्र राव जुवदी के इस्तीफे की खबर से शेयर को यह झटका लगा है। उन्होंने बोर्ड से डायरेक्टर के रूप में भी इस्तीफा दे दिया है, जो 28 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।

एक साल में 70% से ज्यादा टूटा शेयर

शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 1,859 रुपये से लगभग 70 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है, जहां वह 19 मई, 2021 को पहुंचा था। पिछले पांच ट्रेडिंग सेशंस में शेयर लगभग 30 फीसदी टूट चुका है।

कंपनी ने एक्सचेंज में दी एक फाइलिंग में कहा, पूर्व सीईओ और एमडी जितेश देवेंद्र सोलारा में एमडी के रूप में वापसी करेंगे। साथ ही कंपनी की स्ट्रैटजी में बदलाव करेंगे।

मर्जर की योजना पर काम कर रही है कंपनी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने औरोरे (Aurore) के साथ प्रस्तावित मर्जर पर आगे बढ़ने का फैसला किया, जिससे कंपनी अपनी ऑर्गैनिक ग्रोथ की मुख्य क्षमता पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होगी।

अप्रैल, 2021 में सोलारा ने औरोरे लाइफ साइंसेज (Aurore Life Sciences) के साथ मर्जर और सोलारा को भारत दूसरी सबसे बड़ी एपीआई कंपनी बनाने का ऐलान किया था। कंपनी को उम्मीद है कि मर्जर से उसकी वैश्विक पहुंच में इजाफा होगा।

कोविड प्रोडक्ट्स की मांग घटने से लगा झटका

सोलारा ने एक प्रेस रिलीज में कहा, “जब मर्जर का ऐलान किया था, उस समय सोलारा और औरोरे ने अपना सबसे ज्यादा एबिटा पेश किया था और अच्छा प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद थी। कोविड प्रोडक्ट्स के लिए कमजोर डिमांड के चलते Aurore वित्त वर्ष 22 में अपने वित्तीय लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी है।”

मर्जर स्कीम के लिए वैल्यूएशन में हुआ बदलाव

इसके चलते मर्जर स्कीम के लिए वैल्यूएशन में खासा बदलाव आया। कंपनी ने कहा कि औरोरे के एक माइनॉरिटी शेयरहोल्डर के विरोध के चलते मर्जर स्कीम को लेकर अनिश्चितताएं पैदा हो गईं।

जनवरी-मार्च तिमाही में सोलारा का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 1.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर, 2021 तिमाही में कंपनी को 140 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं एक साल पहले समान अवधि में कंपनी को 56.6 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स रहा था।

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