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Paradeep Phosphates का आईपीओ खुला, क्या आपको इसमें पैसा लगाना चाहिए?

 

Paradeep Phosphates का आईपीओ खुला, क्या आपको इसमें पैसा लगाना चाहिए?

Paradeep Phosphates प्राइवेट सेक्टर की देश की दूसरी सबसे बड़ी नॉन-यूरिया और DAP बनाने वाली कंपनी है। इसकी शुरुआत 1981 में हुई थी।

Paradeep Phosphates का आईपीओ 17 मई (मंगलवार) को खुल गया है। आप इस इश्यू में 19 मई तक बोली लगा सकते हैं। यह प्राइवेट सेक्टर की देश की दूसरी सबसे बड़ी नॉन-यूरिया और DAP बनाने वाली कंपनी है। इसकी शुरुआत 1981 में हुई थी। यह कई तरह की फर्टिलाइजर्स की मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग करती है।

यह कंपनी आईपीओ से 1,501 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। इसमें 499.73 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। पारादीप फास्फेट्स में जुआरी मैरोक फॉस्फेट्स प्राइवेट लिमिटेड (ZMPPL) में 80.45 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी 19.55 फीसदी हिस्सेदारी सरकार की है।

कंपनी ने प्राइस बैंड 39-42 रुपये तय किया है। एक शेयर की फैस वैल्यू 10 रुपये है। इश्यू का करीब 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। 35 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। बाकी 15 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

मनीकंट्रोल ने इस आईपीओ के बारे में पांच ब्रोकरेज फर्मों से बात की। इनमें तीन की राय इस इश्यू के बारे में पॉजिटिव है। उनका मानना है कि कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले इसके शेयर का प्राइस सही है। उन्होंने इस इश्यू में पैसे लगाने की सलाह दी है।

फाइनेंशियल ईयर 2019-21 के दौरान कंपनी के बिजनेस की ग्रोथ अच्छी रही है। हालांकि, इस दौरान मुनाफा कमाने की क्षमता स्थिर रही। फाइनेंशियल ईयर 2019-20 और 2020-21 में एवरेज ऑपरेटिंग कैश फ्लो 1,385 करोड़ रुपये रहा। डेट टू इक्विटी रेशियो फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में 2.2 गुना था, जो फाइनेंशियल ईयर 2020-21में सुधरकर 0.7 गुना रह गया।

बीपी इक्विटीज ने कहा है, "कंपनी फॉस्फेटिक एसिड प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाकर 1500 टीपीडी करने और स्ट्रॉन्ग फॉस्फोरिक एसिट का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इवेपोरेटर लगा रही है। इससे बैकवॉर्ड इंटिग्रेशन में सुधार आएगा, जिससे मारिजन में भी सुधार दिखेगा।"

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 की सालाना कमाई के आधार पर इसका पीई 7 गुना है। इसका मतलब यह है कि इसका प्राइस सही रखा गया है। इस वजह से बीपी इक्विटास ने इस शेयर को लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग ने कहा है कि कंपनी का बिजनेस सीजन में होने वाले बदलाव और जलवायु की स्थितियों पर निर्भर करता है। यह कंपनी के लिए रिस्क है। सरकार की पॉलिसी और रेगुलेशन अनुकूल नहीं होने पर कंपनी के बिजनेस पर असर पड़ सकता है। सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलने में देरी से भी कंपनी के बिजनेस पर दबाव बढ़ जाएगा।

उसने कहा है कि 42 रुपये के हायर प्राइस बैंड पर कंपनी वित्त वर्ष 2020-21 के EV/Sales के 0.7 गुना की डिमांड कर रही है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के 1.1 गुना के मुकाबले डिस्काउंट पर है। उसने इनवेस्टर्स को इस आईपीओ में इनवेस्ट करने की सलाह दी है।

ब्रोकरेज फर्म एंजेल ने इस आईपीओ पर 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। उसने कहा है कि कंपनी की वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की वैल्यूएशन जैसी है। हाल में रॉ मेटेरियल की कीमतें बढ़ने से इसकी कॉस्ट पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

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