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NPS Scheme: रिटायरमेंट के बाद खुशहाल जिंदगी के लिए NPS में करें निवेश, कितना मिल रहा रिटर्न और क्यों है यह बेहतर?

 

NPS Scheme: रिटायरमेंट के बाद खुशहाल जिंदगी के लिए NPS में करें निवेश, कितना मिल रहा रिटर्न और क्यों है यह बेहतर?

अलग-अलग NPS स्कीम्स ने शुरुआत के बाद से निवेशकों तो 9 से 12.7 फीसदी तक का रिटर्न दिया है.

National pension system

NPS एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट स्कीम है, जिसकी मदद से रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा-खासा फंड तैयार किया जा सकता है.

NPS Scheme: अगर आप अपनी रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए बचत करना चाहते हैं, तो नेशनल पेंशन सिस्ट (NPS) आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. NPS एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट स्कीम है, जिसकी मदद से रिटायरमेंट के लिए एक अच्छा-खासा फंड तैयार किया जा सकता है. यह स्कीम साल 2004 में शुरू हुई थी और पहले इसमें सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही निवेश कर सकते थे. हालांकि, 2009 में इसे सभी के लिए खोल दिया गया. इस स्कीम के तहत, रिटायरमेंट के समय यानी 60 साल की उम्र पूरी होने पर इकट्ठी हुई राशि के एक हिस्से को एकमुश्त निकाल सकते हैं और शेष बची हुई राशि से नियमित तौर पर पेंशन के रूप में आय पा सकते हैं.

NPS कैसे करता है काम

अकाउंट खोलने के बाद 60 साल की आयु तक या स्कीम की मैच्योरिटी तक इसमें कंट्रीब्यूट करना होता है. 60 साल की उम्र में आप इस फंड का अधिकतम 60% (टैक्स-फ्री) निकाल सकते हैं. आपके पास पेंशन के लिए अलग-अलग विकल्प हैं, जिसमें लाइफटाइम पेंशन भी शामिल है, लेकिन एन्युटी या प्राप्त पेंशन प्राप्ति के वर्ष में पूरी तरह से टैक्सेबल है. अब, आइए देखें कि आपके पैसे को बढ़ाने के लिए NPS में कौन से फंड ऑप्शन उपलब्ध हैं. NPS में पैसे को इक्विटी (इंडेक्स स्टॉक), डेट (कॉर्पोरेट, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बॉन्ड) या दोनों में आवंटित करने का विकल्प होता है. रिस्क लेने की क्षमता और रिटायर होने में बचे सालों की संख्या के आधार पर आप दोनों में आवंटित करने का विकल्प चुन सकते हैं, इस तरह इक्विटी और डेट में अपने एनपीएस कंट्रीब्यूशन को आवंटित कर सकते हैं।

आप अपने निवेश को मैनेज करने में कितने सहज हैं, इसके आधार पर आप ‘एक्टिव ऑप्शन’ और ‘ऑटो ऑप्शन’ में से किसी एक को चुन सकते हैं. एनपीएस में अधिकतम इक्विटी एक्सपोजर प्राइवेट सेक्टर के ग्राहकों के योगदान के 75% तक सीमित कर दिया गया है।

NPS में कितना मिलता है रिटर्न

NPS में उपलब्ध फंड ऑप्शन म्यूचुअल फंड के स्ट्रक्चर के समान हैं. NPS के तहत, फिक्स्ड रिटर्न रेट ऑफर नहीं किया जाता है और यह एक मार्केट लिंक्ड फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है. शुरुआत के बाद से अलग-अलग NPS स्कीम्स ने 9-12.7% रिटर्न जनरेट किया है, जबकि पिछले पांच साल की अवधि में 8.1-13.3% (31 मार्च, 2022 तक) का रिटर्न देखने को मिला है. उदाहरण के लिए, अगर 30 साल का शख्स NPS में हर महीने 15,000 रुपये का निवेश करता है, तो 60 वर्ष की आयु में 10% के अनुमानित वार्षिक रिटर्न पर यह बढ़कर 3.4 करोड़ रुपये हो जाता है. अगर NPS सब्सक्राइबर पूरे फंड पर एन्युटी प्राप्त करने का विकल्प चुनते हैं, तो प्रति वर्ष 6% की अनुमानित दर पर मासिक पेंशन राशि लगभग 1.7 लाख रुपये आती है।

एनपीएस क्यों है निवेश का बेहतर विकल्प,

एनपीएस कैलकुलेटर की मदद से कोई शख्स महंगाई को ध्यान में रखकर तय कर सकता है कि उसे कितनी बचत करनी है. एनपीएस किसी ऐसे व्यक्ति के लिए सही है जो बाजार में उपलब्ध सही निवेश विकल्पों को चुनने में बहुत सहज नहीं है. रिटायरमेंट के लिए बचत करने के लिए निवेश विकल्प के रूप में एनपीएस का उपयोग करने से, न केवल बचत की आदत पैदा होती है, बल्कि एक निश्चित रिटायरमेंट इनकम भी सुनिश्चित होता है।

एनपीएस के तहत पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) और एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) से अधिक रिटर्न पा सकते हैं. अगर आप किसी कंपनी के एंप्लाई हैं तो एनपीएस में अपने व अपनी कंपनी के योगदान पर सेक्शन 80 सीसीडी (1) के तहत 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन का फायदा उठा सकते हैं. इस सेक्शन के तहत वेतन का अधिकतम 10 फीसदी डिडक्शन ले सकते हैं. हालांकि सेल्फ-एंप्लाइड टैक्सपेयर ग्रॉस इनकम का अधिकतम 20 फीसदी डिडक्शन पा सकते हैं. इसके अलावा 50 हजार रुपये तक का अतिरिक्त क्लेम हासिल कर सकते हैं यानी कि एनपीएस के तहत निवेश पर अधिकतम 2 लाख रुपये का डिडक्शन हासिल कर सकते हैं।

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