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Market This Week: इस हफ्ते 4 प्रतिशत टूटा शेयर बाजार, निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूबे

 

Market This Week: इस हफ्ते 4 प्रतिशत टूटा शेयर बाजार, निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूबे

शेयर बाजार में इस हफ्ते (Stock Market This Week) तेज गिरावट देखने को मिली है. हफ्ते के दौरान विदेशी बाजारों के नकारात्मक संकेतों के साथ साथ रिजर्व बैंक से मिला झटका भी बाजार पर भारी पड़ा. हफ्ते के दौरान प्रमुख इंडेक्स (Sensex and Nifty) 4 प्रतिशत टूट गए. वहीं इस दौरान निवेशकों के बाजार में निवेश का मूल्य करीब 12 लाख करोड़ रुपये घट गया. हफ्ते के दौरान एफआईआई ने बाजार में जमकर बिकवाली की, हालांकि घरेलू निवेशकों की तरफ से हफ्ते के दौरान खरीद भी जारी रही. हफ्ते के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान आईटी सेक्टर (IT Sector) ने उठाया है, दूसरी तरफ एनर्जी सेक्टर में खरीद देखने को मिली।

कैसा रहा इस हफ्ते शेयर बाजार का हाल

शेयर बाजार में इस हफ्ते गिरावट हावी रही है, एक हफ्ते में बीएसई पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 11.8 लाख करोड़ रुपये घटकर 255.17 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया है. एक हफ्ते पहले ये आंकड़ा 266.97 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर था. इस दौरान सेंसेक्स में 2225 अंक यानि 3.89 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली वही निफ्टी का हफ्ते का नुकसान 691 अंक यानि 4.04 प्रतिशत रहा. बीएसई लार्ज कैप में इस दौरान 4 प्रतिशत की गिरावट रही और जोमैटो, वेदांता, डीएलएफ, टाइटन कंपनी में निवेशकों को 10 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ. मिडकैप इंडेक्स में 3 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. वहीं सेक्टर में निफ्टी आईटी सेक्टर हफ्ते के दौरान 15 प्रतिशत लुढ़का है. वहीं निफ्टी मीडिया इंडेक्स 12 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स इस दौरान 10 प्रतिशत गिरा है. दूसरी तरफ निफ्टी एनर्जी इंडेक्स में 9.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है. हफ्ते के दौरान रुपये में भी कमजोरी रही और इस दौरान घरेलू करंसी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे गिरकर 76.91 के स्तर पर आ गई. हफ्ते के दौरान एफआईआई ने करीब 13 हजार करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, वहीं दूसरी तरफ डीआईआई ने 8500 करोड़ रुपये की खरीद की है।

क्यों आई इस हफ्ते बाजार में गिरावट

हफ्ते के दौरान बाजार में गिरावट की मुख्य वजह केन्द्रीय बैंक रहे हैं. रिजर्व बैंक ने हफ्ते के दौरान एक अप्रत्याशित कदम के तहत रेपो दरों में 0.4 प्रतिशत की बढ़त की. बाजार पहले इस बढ़त का ऐलान जून पॉलिसी समीक्षा में होने का अनुमान लगा रहा था, ऐलान के बाद ही सेंसेक्स में हजार अंक से ज्यादा की गिरावट आई थी. वहीं बैंक ऑफ इंग्लैंड और फेडरल रिजर्व के कदमों से भी बाजार में दबाव रहा. इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त, रुपये में कमजोरी और कुछ कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों की भी बाजार को गिराने में भूमिका रही।

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