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LIC-IPO : क्या खुदरा निवेशकों के तीनों कोटे में अप्लाई कर सकते हैं आप?

 

LIC-IPO : क्या खुदरा निवेशकों के तीनों कोटे में अप्लाई कर सकते हैं आप?


देश के सबसे बड़े आईपीओ (Initial Public Offering) के इंतजार की घड़ियां खत्म हो चली हैं. बुधवार 4 मई को आम पब्लिक के लिए आने वाला यह आईपीओ आज सोमवार 2 मई को एंकर इनवेस्टर्स के लिए खुल गया. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक इस आईपीओ को एंकर इनवेस्टर्स की ओर से करीब 13,000 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट कमिटमेंट्स मिल चुके हैं. यह रकम एंकर एनवेस्टर्स के लिए तय शेयरों के मूल्य से करीब दो गुनी है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आईपीओ को बहुत अच्छा रेस्पॉन्स मिलने वाला है और इसका इश्यू ओवरसब्सक्राइब हो सकता है. ऐसे में रिटेल कैटेगरी में भी शेयरों के लिए काफी प्रतिस्पर्धा मचेगी. अब जब आईपीओ आने ही वाला है, हर किसी के दिमाग में इसे लेकर कई तरह के सवाल घूम रहे हैं. हम यहां इश्यू से जुड़े आपके ज्यादातर सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे.

आईपीओ कब खुलेगा और कब बंद होगा ?

आईपीओ आज सोमवार 2 मई को एंकर इनवेस्टर्स यानी बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए खुल चुका है. लेकिन आम पब्लिक के लिए यह बुधवार 4 मई को खुलेगा और सोमवार 9 मई को बंद हो जाएगा. सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो यह आईपीओ मंगलवार 17 मई को शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगा.

इसका प्राइस बैंड और लॉट साइज क्या है ?

एलआईसी आईपीओ का प्राइस बैंड 902 से 949 रुपये प्रति शेयर है. यानी एलआईसी के शेयर आपको इसी रेंज में आवंटित होंगे. जैसा कि आप जानते हैं सप्लाई के मुकाबले डिमांड ज्यादा हो तो कीमतें बढ़ जाती हैं. इस आईपीओ की भी भारी डिमांड रहने वाली है और इसका ओवर सब्सक्राइब होना तय है. ऐसे में संभावना यही है कि आपको यह आईपीओ ऊपरी बैंड यानी 949 रुपये कीमत पर मिलेगा. इसका बिड लॉट 15 शेयर तय है यानी कोई भी रिटेल निवेशक कम से कम 15 शेयरों वाला लॉट ही खरीद सकता है. प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा पर एक लॉट की कीमत होगी करीब 14,235 रुपये. यानी आपको इस आईपीओ में कम से कम इतनी रकम लगानी होगी. एक रिटेल निवेशक के लिए अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये की है.

किस कैटेगरी के लिए कितने शेयर रिजर्व हैं ?

सरकार एलआईसी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 20,557 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. पहले 5 फीसदी स्टेकसेल के साथ करीब 60 हजार करोड़ उगाहने की योजना थी. लेकिन बाद में मार्केट हालात को देखते हुए इसे संशोधित किया गया. ऐसे में ऑफर ऑन सेल के तहत कुल 22.13 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी. 50 फीसदी शेयर क्वलिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर्स (QIB) और एंकर इनेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं. 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टिट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) यानी 2 लाख रुपये से ज्यादा निवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए रिजर्व हैं. खुदरा निवेशकों के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व हैं, जिसमें 10 फीसदी एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स के लिए सुरक्षित रखे गए हैं. इस तरह से पॉलिसी होल्डर्स के लिए करीब 2.21 करोड़ शेयर रिजर्व होंगे, जबकि एलआईसी कर्मचारियों के लिए 15.85 लाख शेयर रिजर्व हैं. बीमाधारकों को 60 रुपये प्रति शेयर डिस्काउंट भी मिल रहा है, जबकि खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों के लिए 45 रुपये का डिस्काउंट तय किया गया है.

क्या आप तीनों ही कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं ?

वैसे तो खुदरा निवेशकों के लिए अधिकतम निवेश सीमा 2 लाख रुपये तय की गई है. लेकिन अगर आप खुदरा निवेशक की कैटेगरी में आते हैं और आपके पास एलआईसी की पॉलिसी भी है तो आप चाहें तो दोनों कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं.  इस तरह 2-2 लाख रुपये के साथ आपकी अधिकतम निवेश सीमा 4 लाख रुपये होगी. इत्तेफाक से अगर आप एलआईसी के कर्मचारी हैं, तो आप तीनों ही कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं और इस तरह आप कुल छह लाख रुपये बिड कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि शेयरों का आवंटन तय कोटे के मुताबिक ही होगा. तीनों कैटेगरी में आवेदन करने का एक फायदा जरूर होगा कि आपको पॉलिसी होल्डर्स कैटेगरी में शेयर या डिस्काउंट नहीं मिल पाया तो रिटेल कैटेगरी में मिलने की संभावना कायम रहेगी.

एलआईसी का वैल्युएशन और कंपनी की माली हालत ?

आईपीओ के संशोधित दस्तावेजों के मुताबिक एलआईसी की वैल्यू 6 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है. यह इसकी एम्बेडेड वैल्यू का यह 1.12 गुना है. एम्बेडेड वैल्यू कंपनी के मौजूदा सभी एसेट और भविष्य के मुनाफे की मौजूदा कीमत के आधार पर तय की जाती है. देश के बीमा बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली एलआईसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब 40 लाख करोड़ रुपये है. इसके पास करीब 30 लाख करोड़ रुपये के रिजर्व्स भी हैं. ग्रॉस रिटेन प्रीमियम के आधार पर यह दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी बीमा कंपनी है, जबकि नेट एसेट के आधार पर दुनिया की दसवीं . 31 दिसंबर 2021 को खत्म तिमाही में एलआईसी का नेट प्रॉफिट 1715 करोड़ रुपये था.

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