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भारतीय IT Shares में अभी और गिरावट संभव, विशेषज्ञों की राय- घबराएं नहीं निवेशक

 

भारतीय IT Shares में अभी और गिरावट संभव, विशेषज्ञों की राय- घबराएं नहीं निवेशक

आईटी कंपनियों के शेयरों में अभी और गिरावट हो सकती है।

नई दिल्ली. निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स ने पिछले एक महीने में निफ्टी50 के मुकाबले खराब परफॉर्म किया है. चौथी तिमाही में आईटी कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त रही है. वहीं, इन कंपनियों का मार्जिन कम हुआ है. दरअसल, कोरोना महामारी संकट के बाद अब ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी और इसके कारण ग्लोबल इकोनॉमी के धीमे पड़ने की आशंका के कारण दलाल स्ट्रीट पर भारतीय आईटी कंपनियां दबाव का सामना कर रही हैं.

महंगाई के बीच ब्याज दरों में बढ़ोतरी दुनियाभर के बाजारों पर भारी पड़ रही है. यहां तक कि डॉलर के मुकाबले रुपये के ऑलटाइम लो पर पहुंचने के बावजूद निफ्टी आईटी शेयरों की गिरावट नहीं रुकी है. यहां आपको बता दें कि डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आईटी इंडस्ट्री के लिए अच्छा माना जाता है. इसका कारण यह है कि आईटी कंपनियों को विदेशों में डॉलर में होने वाली कमाई से रुपये में उसकी वैल्यू बढ़ जाती है.

अच्छे गाइडेंस के बावजूद फीका

आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की संभावना के चलते इनके मैनेजमेंट के अच्छे गाइडेंस के बावजूद आईटी सेक्टर की चमक फीकी नजर आ रही है. कोरोना महामारी के दौरान डिमांड मजबूत रहने के बावजूद आईटी कंपनियां कर्मचारियों के वेतन पर बढ़ते खर्च के दबाव से गुजर रही हैं. आपको बता दें कि आईटी कंपनियों में इस समय जबरदस्त टेलैंट हंट देखने को मिल रहा है. इस वजह से कंपनियों को अपने कर्मचारियों को रोके रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. इसका प्रभाव मार्जिन पर दिख रहा है.

सतर्क रहें निवेशक

भारतीय आईटी कंपनियों के भविष्य की दशा और दिशा पर मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने CNBCTV18 को बताया कि आईटी सेक्टर पर सर्तक रहें. उन्होंने कहा कि यह फिलहाल नहीं कहा जा सकता कि आईटी सेक्टर का बॉटम बन चुका है. इस सेक्टर में अभी और गिरावट संभव है. उन्होंने निवेशकों को आईटी सेक्टर में निवेश के लिए इंतजार करने की सलाह दी है. बग्गा ने कहा कि निवेशकों को भारतीय रिजर्व बैंक और फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर नजर रखनी चाहिए.

ब्रोकरेज हाउस कर रहे ​हैं डाउनग्रेड

ब्रोकरेज हाउस वैल्यूएशन महंगे होने का हवाला देते हुए आईटी शेयरों को डाउनग्रेड कर रहे हैं. जेपी मॉर्गन ने पिछले दिनों कहा था कि भारतीय आईटी स्टॉक अभी बहुत ज्यादा महंगे नजर आ रहे हैं. जापानी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा ने भी महंगे वैल्यूएशन का हवाला देते हुए टीसीएस, विप्रो, एचसीएल टेक जैसे शेयरों की रेटिंग घटा दी है.

उसकी बाय रेटिंग लिस्ट में सिर्फ इंफोसिस और टेक महिंद्रा शामिल हैं. वहीं, यूटीआई म्यूचुअल फंड के अजय त्यागी ने कहा है कि डी-रेटिंग की वजह से भारतीय आईटी कंपनियों का वैल्यूएशन अच्छा हो गया है. उनके मुताबिक, आईटी सेक्टर में इस समय वैल्यू उभरकर आ रही है.

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