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एक महीने में निवेशकों के डूबे 30 लाख करोड़, INDIA VIX दे रहा है और गिरावट के संकेत, क्या करें निवेशक?

एक महीने में निवेशकों के डूबे 30 लाख करोड़, INDIA VIX दे रहा है और गिरावट के संकेत, क्या करें निवेशक?

महंगाई, रेट हाइक साइकिल और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आ रही है. आज यानी 12 मई के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

शेयर बाजार में इस साल के शुरूआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है।

Stock Market Investment: शेयर बाजार में इस साल के शुरूआत से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है. महंगाई, रेट हाइक साइकिल और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते दुनियाभर के बाजारों में गिरावट आ रही है. आज यानी 12 मई के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स आज इंट्राडे में 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया. जबकि निफ्टी भी 15900 के नीचे फिसल गया. निफ्टी पर INDIA VIX में आज करीब 9 फीसदी की तेजी आई है और यह 25 के लेवल के आस पास है. यानी बाजार में अभी और बड़ी गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता है. इस गिरावट में फंडामेंटली मजबूत शेयर भी लगातार कमजोर हो रहे हैं. निवेशकों के सामने सवाल है कि आखिर इस वोलेटाइल मार्केट में क्या करें. कहां पैसे लगाएं. निवेश के लिए टाइम फ्रेम क्या होना चाहिए. सीधे इक्विटी में लगाएं या म्युचुअल फंड के जरिए निवेश करें।

1 महीने में बाजार 10 फीसदी फिसला, 30 लाख डूबे,

बीते 1 महीने की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 10 फीसदी गिरावट रही है. सेंसेक्स 9.40 फीसदी या 5508 अंक अूट गया है. जबकि निफ्टी में 9.6 फीसदी या 1680.90 अंकों की कमजोरी रही है. मिडकैप इंडेक्स 13 फीसदी से ज्यादा कमजोर हुआ है. जबकि ब्रॉडर मार्केट BSE500 इंडेक्स में 11 फीसदी गिरावट आई है. बाजार की इस आपा धापी में 1 महीने के दौरान निवेशकों के करीब 30 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं. 13 अप्रैल 2022 को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2,72,03,063.57 करोड़ था, जो 12 मई 2022 को दोपहर 12 बजे तक घटकर 2,41,62,193.87 करोड़ रह गया।

धैर्य रख सकते हैं तभी बाजार में करें निवेश,

Swastika Investmart Ltd. के रिसर्च हेड, संतोष मीना का कहना है कि आज निफ्टी 16000 के लेवल के नीचे आ गया. बाजार में अभी और गिरावट दिख रही है. निफ्टी पर वोलेटिलिटी इंडेक्स हाई बना हुआ है. फिलहाल यह बाजार सिर्फ उनके लिए है, जो धैर्य बनाकर रख सकते हैं. शॉर्ट टर्म की बात करें तो अस्थिरता के मोर्चे पर अभी कोई राहत नहीं मिलती दिख रही है. निवेशकों खासतौर पर जिन्होंने पोस्ट कोविड बुल मार्केट के दौरान एंट्री की है, उन्हें अपनी उम्मीदों को कम करना होगा. फिलहाल अभी वह दौर नहीं है जब कोई स्टॉक एक हफ्ते में 10 फीसदी या एक महीने में 30 फीसदी या 1 साल में 5 गुना बढ़ जाता था. लेकिन मौजूदा गिरावट अपने पोर्टफोलियो में सही शेयरों को जोड़ने का एक अच्छा अवसर है. भारत की बात करें तो मिड से लॉन्ग टर्म में यह पियर्स की तुलना में आर्थिक मजबूती के मामले में बेहतर स्थिति में है।

लंबी अवधि के लिए मजबूत शेयरों में करें निवेश,

उनका कहना है कि मौजूदा समय में ज्यादा लालच से बचना चाहिए. लालच के चक्कर में फंडामेंटली कमजोर शेयरों से दूर रहें, नहीं तो नुकसान हो सकता है. यह समय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने का है. इसमें आपको रिस्क से सुरक्षा मिलेगी और कंपाउंडिंग का भी फायदा उठा सकते हैं।

किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले उस कंपनी के बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट क्वालिटी, कॉम्पिटीटिव लैंडस्केप, कंपनी के फाइनेंशियल और भविष्य में ग्रोथ की संभावनाओं के बारे सटडी करनी चाहिए. फिलहाल इक्विटी में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड सही जरिया है।

निवेश के पहले रिस्क को पहचानें. वहीं इस दौर में कई मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर भी कमजोर हुए हैं. उनका वैल्युएशन फिर आकर्षक हुआ है. ऐसे डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे सही शेयरों को पोर्टफोलियो में जोड़ें।


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