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IndiGo को अनुमान से ज्यादा नुकसान, फिर भी शेयर खरीदने की क्यों मची होड़?

 

IndiGo को अनुमान से ज्यादा नुकसान, फिर भी शेयर खरीदने की क्यों मची होड़?

देश की दिग्गज एयरलाइन कंपनी इंडिगो को मार्च तिमाही में जबरदस्त घाटा हुआ है। इस घाटे के बावजूद निवेशकों में कंपनी के शेयर खरीदने की होड़ लगी हुई है। आपको बता दें कि इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड शेयर बाजार में लिस्टेड है।

कितना है शेयर भाव: सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में इंडिगो का शेयर भाव करीब 10 फीसदी तक बढ़कर 1810 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली भी देखने को मिली। इसके बावजूद शेयर का भाव 1760 रुपये से ज्यादा पर कारोबार करता दिखा। मार्केट कैपिटल की बात करें तो 68 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है।

घाटे के बावजूद बढ़त: शेयर में यह तेजी इस तथ्य के बावजूद है कि मार्च तिमाही के लिए एयरलाइन का घाटा विश्लेषकों के अनुमान से अधिक है। इंडिगो का मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही का शुद्ध घाटा 46.6 प्रतिशत बढ़कर 1,681 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

विमानन कंपनी को कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर ओमीक्रोन के दौरान उच्च ईंधन लागत और कमजोर रुपये के कारण यह घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में एयरलाइन की कुल आय 28.9 प्रतिशत बढ़कर 8,020 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

किस बात से राहत मिली: जिस बात ने निवेशकों को कुछ आराम दिया है, वह आउटलुक पर प्रबंधन की टिप्पणी है। अवकाश और कॉर्पोरेट यात्रा में वृद्धि मांग के लिए शुभ संकेत है। इसके अलावा, एयरलाइन को उम्मीद है कि इस सेगमेंट में मजबूत वृद्धि के साथ अगले 5 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा कुल बिक्री में 40% का योगदान देगी। अंतरराष्ट्रीय परिचालन में क्षमता पूर्व-कोविड स्तरों के लगभग 90% पर है।

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