Ticker

99/recent/ticker-posts

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट थमी , 4.23 अरब डॉलर बढ़कर 597 अरब डॉलर के पार पहुंचा रिजर्व

 

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट थमी , 4.23 अरब डॉलर बढ़कर 597 अरब डॉलर के पार पहुंचा रिजर्व

भारत के लिए आज राहत की खबर है. लगातार 9 हफ्ते की गिरावट के बाद एक बार फिर फॉरेक्स रिजर्व में बढ़त देखने को मिली है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserve) 20 मई को खत्म हुए हफ्ते में बढ़त के साथ 597 अरब डॉलर के पार पहुंच है. देश के रिजर्व में काफी समय से गिरावट देखने को मिल रही है. वहीं बीते 6 महीने में देश का रिजर्व 30 अरब डॉलर घट चुका है. हालांकि एक बार फिर बढ़त से राहत मिली है. रिजर्व बैंक (RBI) के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भंडार के चारों सेग्मेंट एफसीए, गोल्ड रिजर्व (Gold Reserve), एसडीआर और आईएमएफ के साथ रिजर्व पोजीशन सभी में बढ़त देखने को मिली है. देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल देश के 10 महीने के आयात बिल के बराबर है.

कहां पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 20 मई को समाप्त सप्ताह में 4.23 अरब डॉलर बढ़कर 597.509 अरब डॉलर हो गया. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार यह वृद्धि विदेशीमुद्रा परिसंपत्तियों यानि फॉरेन करंसी एसेट में हुई बढ़ोतरी के कारण हुई है. इससे पूर्व 13 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.676 अरब डॉलर घटकर 593.279 अरब डॉलर रह गया था. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का कारण विदेशी मुद्रा आस्तियों में वृद्धि होना है जो कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण घटक है. आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 3.825 अरब डॉलर बढ़कर 533.378 अरब डॉलर हो गयी. डॉलर में अभिव्यक्त विदेशी मुद्रा भंडार में रखे जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल किया जाता है. आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य भी 25.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 40.823 अरब डॉलर हो गया. इसी दौरान सप्ताह में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.2 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.306 अरब डॉलर हो गया वहीं आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 5.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.002 अरब डॉलर पहुंच गया.

एक साल से भी कम वक्त के आयात के बराबर भंडार

मई के लिए रिजर्व बैंक के बुलेटिन मे दिए गए आर्टिकल स्टेट ऑफ द इकोनॉमी में कहा गया है कि 6 मई को रिजर्व का 596 अरब डॉलर का स्तर मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 10 महीने के आयात बिल के बराबर है. बीते 6 महीने के दौरान रिजर्व में 30 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. विदेशी मुद्रा भंडार में हाल में आई गिरावट की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आना है. और दुनिया भर की मुद्राओं के सामने डॉलर का मजबूत होना है. दरअसल रुपये को बचाने के लिए रिजर्व बैंक को हस्तक्षेप करना पड़ता है जिसका असर रिजर्व पर पड़ता है. वहीं दुनिया भर में कमोडिटी की कीमतों में उछाल की वजह से आयात बिल में भी उछाल देखने को मिल रहा है. जिससे जो भंडार साल भर पहले एक साल से ज्यादा वक्त के आयात के लिए काफी था. अब वो बिल बढ़ने के साथ 10 महीने के लिए ही पर्याप्त है.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ