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शेयरों में गिरावट से जूझ रहे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को हुआ 342 करोड़ रुपये का मुनाफा, एनपीए भी सुधरा

 

शेयरों में गिरावट से जूझ रहे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को हुआ 342 करोड़ रुपये का मुनाफा, एनपीए भी सुधरा

नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2021-22 की अंतिम तिमाही में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को 342 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है. यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में हुए 127.81 करोड़ रुपये के मुनाफे से 168 फीसदी अधिक है. बैंक को प्रोविजन के लिए राशि कम रखने और शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) से अपना मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली है।

समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का एनआईआई 2,669 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही 1,960 करोड़ रुपये की एनआईआई से 36 फीसदी अधिक है. इसके अलावा बैंक का इंटरेस्ट मार्जन भी बढ़ा है. बीते वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जन 6.27 फीसदी रहा जो इसकी पिछली तिमाही में 5.9 फीसदी था. 2021-22 में बैंक की कुल आय 20,394 करोड़ रुपये रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष 18179 करोड़ रुपये थी.

अन्य स्रोतों से आय बढ़ी

आईडीएफसी बैंक की अन्य स्रोतों से कमाई 40 फीसदी बढ़कर 841 करोड़ रुपये हो गई है. जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 600 करोड़ रुपये थी. एनपीए के मोर्चे पर बैंक के लिए अच्छी खबर है. इसका ग्रॉस एनपीए या बैड लोन में 3.7 रहा. यह बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार की ओर इशारा करता है. वहीं, समीक्षाधीन अवधि में एनपीए 1.53 फीसदी रहा जो इससे पिछली तिमाही में 1.74 फीसदी था. प्रोविजनल राशि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 36 फीसदी घटकर 369 करोड़ रह गई है.

लोन बुक में वृद्धि

बैंक की लोन बुक में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. सबसे अधिक वृद्धि रिटेल लोन में दर्ज हुई है जो मार्च तिमाही में 28 फीसदी बढ़कर 83740 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. ऑपरेटिंग खर्च भी 24 फीसदी बढ़कर 2674 करोड़ रुपये हो गया है. बैंक का डिपॉजिट 13 फीसदी बढ़कर 93214 करोड़ रुपये हो गया है. बैंक के एमडी व सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा है, “हमारा कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही के मुकाबले 106 फीसदी बढ़कर 836 करोड़ रुपये हो गया है. यह हमारे द्वारा विकसित किए जा रहे बिजनेस मॉडल की ताकत को दिखाता है.”

शेयरों का हाल

बैंक के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ 39.45 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए. वहीं, पिछले एक साल में ये शेयर 27 फीसदी लुढ़का है. 5 साल में बैंक के शेयर 40 फीसदी तक गिरे हैं।

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