Ticker

99/recent/ticker-posts

Ethos IPO: आज खुलेगा इश्यू, क्या इस लग्जरी ब्रांड के IPO में निवेश करना ठीक है

 

Ethos IPO: आज खुलेगा इश्यू, क्या इस लग्जरी ब्रांड के IPO में निवेश करना ठीक है

Ethos के IPO का प्राइस बैंड 836-878 रुपए है

Ethos IPO: घड़ियों के लग्जरी ब्रांड Ethos का इश्यू आज 18 मई को खुल रहा है। इसमें 20 मई तक बोली लगा सकते हैं। Ethos के IPO का प्राइस बैंड 836-878 रुपए है। कंपनी अपने IPO के जरिए 472 करोड़ रुपए जुटाने वाली है। इसमें से 375 करोड़ रुपए के फ्रेश इश्यू जारी किए जाएंगे। जबकि 97.29 करोड़ रुपए के शेयर ऑफर फॉर सेल में बेचे जाएंगे। ऑफर फॉर सेल में कंपनी के प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचने वाले हैं।

ऑफर फॉर सेल में यशोवर्द्धन साबू, KDDL, महेन डिस्ट्रीब्यूशन, साबू वेंचर्स एलएलपी, अनुराधा साबू, जयवर्द्धन साबू, VBL इनोवेशंस, अनिल खन्ना, नागराजन सुब्रमण्यन, सी राजा शेखर, करण सिंह भंडारी, हर्ष वर्द्धन भुवालका, आनंद वर्द्धन भुवालका, शालिनी भुवालका और मंजु भुवालका अपने शेयर बेचेंगे।

एंकर बुक से जुटाएं 142 करोड़ रुपए

इश्यू खुलने से एक दिन पहले Ethos ने एंकर बुक से 142 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं। कंपनी ने 878 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से एंकर इनवेस्टर्स को 16,13,725 इक्विटी शेयर जारी किए हैं। कंपनी के एंकर इनवेस्टर्स में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, ज्यूपिटर इंडिया फंड, सेंट कैपिटल फंड, नोमुरा सिंगापुर और यूपीएस ग्रुप ट्रस्ट सहित कुछ दूसरी कंपनियां हैं।

क्या करें निवेशक?

Ethos के इश्यू के बारे में अनलिस्टेड अरीना डॉटकॉम के फाउंडर अभय दोषी ने कहा कि Ethos देश का सबसे बड़ा लग्जरी और प्रीमियम वॉच कंपनी है। प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट के रिटेल सेल्स में इस कंपनी की हिस्सेदारी 13% है। वहीं लग्जरी सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 20% है। ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी के नतीजों में लगातार उतारचढ़ाव होता रहा है। फिस्कल ईयर 2021 में कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 1.50% है। फिस्कल ईयर 2022 के पहले 9 महीनों में कंपनी के नंबर काफी अच्छे रहे हैं। फिस्कल ईयर 2021 के नंबर के आधार पर इसका P/E 358X है। इस हिसाब से कंपनी का इश्यू महंगा नजर आ रहा है। वैल्यूएशन और बाजार के मौजूदा हाल को देखते हुए निवेशक इस इश्यू से दूरी बनाकर रह सकते हैं।

फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका रेवेन्यू 386.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 457.85 करोड़ रुपये था। इस तरह साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 15.6 फीसदी घटा है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसका प्रॉफिट 5.79 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 1.33 करोड़ रुपये लॉस हुआ था।

क्या है ग्रे मार्केट प्रीमियम?

ग्रे मार्केट में Ethos के शेयर पर कोई प्रीमियम नहीं चल रहा है। कंपनी इनवेस्टर्स को 25 मई को शेयर अलॉट करेगी। जिन इनवेस्टर्स को शेयर जारी नहीं होंगे, उन्हें 26 मई को रिफंड मिल जाएगा। 27 मई को डीमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। 30 मई को स्टॉक एक्सचेंजों पर कंपनी के शेयर लिस्ट होंगे।

किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व

इस आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व होगा। 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होगा। बाकी 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए होगा। कंपनी नए शेयर इश्यू करने से मिले कुछ पैसे का इस्तेमाल अपना लोन चुकाने के लिए करेगी। 234.96 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए करेगी। 33.27 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए स्टोर खोलने और पुराने स्टोरों को बेहतर बनाने पर करेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ