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DCB Bank ने चौथी तिमाही के शुद्ध लाभ में दर्ज की 46 प्रतिशत की वृद्धि

 

डीसीबी Bank ने चौथी तिमाही के शुद्ध लाभ में दर्ज की 46 प्रतिशत की वृद्धि

नयी दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): निजी क्षेत्र के डीसीबी बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 46 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 113 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। बैंक को इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। डीसीबी बैंक ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि पूरे वित्त 2021-22 में उसका शुद्ध लाभ 288 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में 336 करोड़ रुपये था।

इक्तीस मार्च 2022 को समाप्त हुए वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में बैंक ने परिचालन लाभ 221 करोड़ रुपये दिखाया जबकि वित्त वर्ष 2020-21 की इसी तिमाही में यह 201 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक का परिचालन लाभ 797 करोड़ रुपये दर्ज किया गया जोकि इससे पिछले वर्ष 886 करोड़ रुपये था। डीसीबी बैंक के निदेशक मंडल ने 10 प्रतिशत की दर से प्रति शेयर एक रुपये के लाभांश देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

डीसीबी बैंक ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय 380 करोड़ रुपये रही जबकि इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 311 करोड़ रुपये थी। बैंक की पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में शुद्ध ब्याज आय 1358 करोड़ रुपये दर्शायी गयी जोकि वित्त वर्ष 2020-21 में 1,287 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.93 प्रतिशत रही जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3.46 प्रतिशत थी। पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक की शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.56 प्रतिशत रही जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में यह 3.59 प्रतिशत थी।

डीसीबी बैंक का 31 मार्च 2022 को समाप्त तिमाही में सकल अवरुद्ध ऋण (एनपीए) 4.32 प्रतिशत और शुद्ध अवरुद्ध ऋण (एनपीए) 1.97 प्रतिशत रहा। बैंक का 31 दिसंबर 2021 को समाप्त हुयी तिमाही में सकल एनपीए 4.78 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 2.55 प्रतिशत था। डीसीबी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य अधिशासी अधिकारी मुरली एम.नटराजन ने कहा,“ व्यापार की मात्रा बढ़ रही है और हमारा इरादा बढ़ी हुयी क्षमता का उपयोग करते हुुए और गति बनाने का है। बैंक की आलोच्य तिमाही के दौरान शाखाओं की संख्या 400 के आंकड़ें को पार कर गयी हैं जोकि एक बड़ी उपलब्धि है।

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