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Dabur India का शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर, अब निवेश की क्या हो स्ट्रैटजी?

 

Dabur India का शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर, अब निवेश की क्या हो स्ट्रैटजी?

तिमाही का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 22 फीसदी की गिरावट के साथ 294 करोड़ रुपये रह गया

Dabur Shares : एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया के शेयर में बीएसई पर मंगलवार को 1 फीसदी से ज्यादा का गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही शेयर 499.35 रुपये के 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गया। मार्च, 2022 में समाप्त तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद से शेयर में गिरावट बनी हुई है।

मार्च तिमाही में अनुमान से कमजोर नतीजों के चलते पिछले एक हफ्ते के दौरान Dabur India के शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

मार्च तिमाही में 22 फीसदी कम हुआ प्रॉफिट,

डाबर इंडिया (Dabur India) का जनवरी-मार्च, 2022 तिमाही का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 22 फीसदी की गिरावट के साथ 294 करोड़ रुपये रह गया। बढ़ी हुई इनपुट लागत और तुर्की में कंपनी की शाखा की गुडविल बिगड़ने की वजह से मुनाफे में कमी देखने को मिली। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी को 377.3 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी की आय 7.7 प्रतिशत बढ़कर 2,518 करोड़ रुपये हो गई।

क्या कहते हैं ब्रोकरेज हाउस,

निर्मल बंग ने कहा कि डाबर के चौथी तिमाही के नतीजे सभी मोर्चों पर हमारे अनुमान से कमजोर रहे हैं। 16 फीसदी महंगाई और कमजोर कंज्यूमर सेंटीमेंट के चलते ऑपरेटिंग एनवायरमेंट चुनौतीपूर्ण रहा है। ब्रोकरेज ने कहा, “फिलहाल स्टॉक वित्त वर्ष 23/वित्त वर्ष 23 के अनुमानित 46/40.5 गुने ईपीएस पर कारोबार कर रहा है। हम मार्च, 24 के अनुमानित ईपीएस पर कंपनी का 48 गुना मूल्यांकन करते हैं। इसलिए, इसका टारगेट प्राइस रिवाइज करते हुए 630 रुपये किया गया है, जो सीएमपी पर 19 फीसदी ज्यादा है। हमने डाबर पर खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है।

सेंट्रम ब्रोकिंग ने कहा, “वित्त वर्ष 22 के प्रदर्शन और महंगाई को देखते हुए हम वित्त वर्ष 23/ वित्त वर्ष 24 की अनुमानित अर्निंग्स में 6 फीसदी की कटौती करते हैं। इसलिए, इसका टारगेट प्राइस बदलकर 650 रुपये किया गया है।

लागत बढ़ी, बढ़ाने पड़ सकते हैं प्रोडक्ट्स की दाम,

आईडीबीआई कैपिटल ने कहा कि लागत के दबाव के चलते मार्च तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। इससे पता चलता है कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 7-8 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। ब्रोकरेज ने कहा, “संशोधित बिजनेस आउटलुक को देखते हुए, हमने अपने ईपीएस अनुमान में कमी की है। हमने खरीद की रेटिंग को बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस संशोधित करते हुए 672 रुपये कर दिया है।

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