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अमेरिकी बाजार: ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर, Amazon, टेस्ला, Apple के शेयर टूटे

 




अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Market) में उथल-पुथल की खबरें हैं. गुरुवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. हाल ये हुआ कि अमेजन (Amazon), टेस्ला, फेसबुक, Google की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक, ऐप्पल इंक (Apple), माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प के शेयर औंधे मुंह गिर गए।

दरअसल, अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्‍याज दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद बाजार में हाहाकार मचा हुआ है।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर ऐसा हुआ कि अमेरिका के तीनों प्रमुख स्‍टॉक एक्‍सचेंज में गुरुवार को बड़ी बिकवाली देखने को मिली. Dow Jones 1,063.09 प्वाइंट यानी 3.12%, Nasdaq 647.165 प्वाइंट (4.99%) और S&P500 पर 153.3 प्वाइंट (3.56%) टूट गया।

Amazon के शेयर 7.56%, फेसबुक के शेयर 6.77%, टेस्ला के शेयर 8.33% टूटकर बंद हुए थे.

क्यों बाजार में हाहाकार?

अमेरिका के सेंट्रल बैंक (Federal Reserve Bank) ने बुधवार को अपनी अहम मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के बाद ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया था. यूएस फेड द्वारा की गई इस बढ़ोतरी से इसकी मुख्य दरें 0.5 फीसदी से 1 फीसदी की रेंज में आ गई हैं जो कोरोना महामारी के शुरू होने के पिछले 2 साल की सबसे उच्च दर है. इस बार की 0.50% की बढ़ोतरी अमेरिक में दो दशक के इतिहास में सबसे बड़ी बताई जा रही है. इसके पहले 16 मार्च को अमरीकी फेडरल बैंक ने ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की थी.

फेडरल रिजर्व बैंक के इस कदम से ठीक एक दिन पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी ब्याज दरों में 0.40% की बढ़ोतरी की थी.

मौजूदा बिकवाली ने बाजार के सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया, क्योंकि व्यापारियों ने एग्जिट का रास्ता चुना.

वर्डेंस कैपिटल एडवाइजर्स के मुख्य निवेश अधिकारी मेगन हॉर्नमैन ने बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार को बताया, "निवेशक अभी फंडामेंटल (जैसे कमाई) पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, और यह एक भावना का मुद्दा है।

बता दें कि अमेरिका में खुदरा महंगाई दर 40 साल के उच्‍चतम स्‍तर पर है, जिस वजह सेंट्रल बैंक पर ब्‍याज दरें बढ़ाने का दबाव था. ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुद्रास्फीति (Inflation) बहुत ज्यादा है और हम इसके कारण होने वाली कठिनाई को समझते हैं. हम इसे काबू में के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. हमारा लक्ष्‍य बड़ी संख्‍या में रोजगार बढ़ाने के साथ महंगाई दर को 2 फीसद से नीचे बनाए रखना है।

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