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किन कारणों से गौतम अडाणी सीमेंट बिजनेस में घुसे और की 81000 करोड़ की डील, क्या है उनका मेगा प्लान?

 

किन कारणों से गौतम अडाणी सीमेंट बिजनेस में घुसे और की 81000 करोड़ की डील, क्या है उनका मेगा प्लान?

गौतम अडाणी (Gautam Adani) इस समय चमकते हुए सितारे की तरह हैं. वे जिस बिजनेस में हाथ लगाते हैं वह लहलहाने लगता है. वे इस समय एशिया के नंबर वन और दुनिया के आठवें सबसे रईस हैं. रविवार को अडाणी ग्रुप (Adani Group) ने भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर और मटीरियल्स स्पेस का सबसे बड़ा अधिग्रहण किया. गौतम अडाणी ने होलसिम ग्रुप से उसके भारतीय कारोबार को 10.5 बिलियन डॉलर यानी 81 हजार करोड़ में खरीदा है. इस डील के पूरा होने पर सीमेंट ब्रांड ACC और Ambuja Cement पर गौतम अडाणी का कब्जा हो जाएगा. अब बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर इतनी बड़ी डील करने के पीछे क्या कारण हो सकता है.

यह डील गौतम अडाणी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जानकारों का कहना है कि गौतम अडाणी अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने पर जोर रहे हैं. इसके अलावा सीमेंट कारोबार में उन्हें तमाम संभावनाएं दिख रही हैं. गौतम अडाणी इस बात को बखूबी जानते हैं कि अपने देश में सीमेंट सेक्टर में डिमांड और सप्लाई के बीच बहुत बड़ा गैप है. अडाणी ग्रुप का वर्तमान कारोबार इस गैप को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है. गौतम अडाणी ने खुद कहा कि सीमेंट सेक्टर उनके वर्तमान बिजनेस के साथ पूरी तरह सिनर्जी में है.

5 साल में प्रोडक्शन डबल करने का लक्ष्य

गौतम अडाणी देश के सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट बिजनेस और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस को ऑपरेट करते हैं. उन्होंने कहा कि वे अगले पांच सालों में अंबुजा और एसीसी सीमेंट की प्रोडक्शन क्षमता को दोगुनी कर 140 मिलियन टन सालाना करेंगे. इकोनॉमिक टाइम्स के साथ खास बातचीत में गौतम अडाणी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मांग आधारित है. सीमेंट के लिए यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है और आने वाले कई दशकों तक यह स्थिति बनी रहने की उम्मीद है.

इन्फ्रा सेक्टर पर सरकार का भी जोर

अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बहुत जरूरी है. ऐसे में सीमेंट की मांग बनी रहेगी. इसके अलावा अडाणी ग्रुप का कारोबार पोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स, एनर्जी सेक्टर और रियल एस्टेट में फैला हुआ है. इस तरह सीमेंट सेक्टर के साथ हमारे वर्तमान कारोबार के बीच सिनर्जी स्थापित करना बहुत आसान होगा.

अडाणी फैमिली की ऑफशोर कंपनी से होगी फंडिंग

गौतम अडाणी ने कहा 82000 करोड़ की यह डील भारत के इतिहास की सबसे बड़ी डील है. अडाणी फैमिली की ऑफशोर एंटिटी की मदद से इस डील को फंड किया जाएगा. ग्रुप की लिस्टेड और ऑपरेटिंग कंपनियों का वर्तमान डील पर किसी तरह का असर नहीं होगा. इसके अलावा अडाणी फैमिली बार्कलेज, डच बैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से भी मदद लेगा.

ग्लोबल ऐवरेज कंजप्शन से आधा है भारत की डिमांड

अडाणी ने कहा कि भारत का पर कैपिटा सीमेंट कंजप्शन 240 किलोग्राम है जो चीन के लिए 1600 किलोग्राम और वर्ल्ड ऐवरेज 525 किलोग्राम है. ऐसे में इस सेक्टर में ग्रोथ की अपार संभावनाएं दिख रही हैं. सरकार भी इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर जोर दे रही है. अडाणी ग्रुप का कारोबार रियल एस्टेट और इन्फ्रा सेक्टर में भी है. ऐसे में अडाणी ग्रुप ही एसीसी और अंबुजा सीमेंट का सबसे बड़ा कस्टमर भी होगा. फिलहाल दोनों कंपनियों की टीम और मैनेजमेंट पर किसी तरह का असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हमारी योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्रीन सीमेंट प्रोड्यूसर बनने की है.

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