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गिरावट पर करें खरीदारी, इन 3 सेक्टर में दिख रहा मौका: मार्केट एक्सपर्ट Rajesh Cheruvu

 

गिरावट पर करें खरीदारी, इन 3 सेक्टर में दिख रहा मौका: मार्केट एक्सपर्ट Rajesh Cheruvu

Rajesh Cheruvu ने कहा कि स्टॉक मार्केट में अगले कुछ हफ्तों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं। इसकी कई वजहें हैं। विदेशी फंडों की बिकवाली जारी है। इनफ्लेशन लगतार बढ़ रहा है। RBI के रेट बढ़ाने से लिक्विडिटी में कमी आई है। उधर, यूक्रेन क्राइसिस के चलते सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।

क्या आप स्टॉक मार्केट (Stock Markets) में लगातार गिरावट से परेशान हैं? इस गिरावट के मौके का इस्तेमाल आपको खरीदारी के लिए करना चाहिए। ऐसे कई सेक्टर हैं, जिनमें अभी इनवेस्ट करने से आपको अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। यह कहना है Validus Wealth के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर Rajesh Cheruvu का।

राजेश का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने में मार्केट (BSE and NSE) 12 फीसदी से ज्यादा करेक्ट (गिर) हो चुका है। यह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में खरीदारी का मौका है। मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए अभी इनवेस्ट कर अच्छा प्रॉफिट कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स को मजबूत और कर्ज-मुक्त कंपनियों के शेयरों को देखना चाहिए। अच्छी बैलेंसशीट और शानदार कमाई की उम्मीद वाली कंपनियों के शेयर अभी अच्छी वैल्यूएशन पर उपलब्ध है। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ महीनों में स्टॉक मार्केट में तेज गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि स्टॉक मार्केट में अगले कुछ हफ्तों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं। इसकी कई वजहें हैं। विदेशी फंडों की बिकवाली जारी है। इनफ्लेशन लगतार बढ़ रहा है। RBI के रेट बढ़ाने से लिक्विडिटी में कमी आई है। उधर, यूक्रेन क्राइसिस के चलते सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।

राजेश ने कहा कि दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ा है। एफएमसीजी कंपनियां हालात का मुकाबले करने में सफल रही हैं। उनकी ब्रांड वैल्यू काफी मजबूत है। इसके अलावा वे कंज्यूमर आथारित प्रोडक्ट्स बनाती हैं। हालांकि, उनकी इनपुट कॉस्ट काफी बढ़ी है। इसकी वजह यूक्रेन क्राइसिस की वजह से सप्लाई चेन में आई दिक्कत है। इस सेक्टर की कई कंपनियों ने अपना मार्जिन बचाने के लिए प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए हैं। ऐसी कंपनियों में पैसा लगाया जा सकता है।

उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी इनवेस्टमेंट के लिए अच्छा बताया। सरकार की PLI Scheme से इस सेक्टर को बहुत फायदा होता दिख रहा है। उधर, कोविड-19 के बाद कई कंपनियां चीन से बाहर इनवेस्टमें के मौके तलाश रही हैं। सरकार भी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर ध्यान द रही है। मध्यम अवधि के लिहाज से इनवेस्टर्स इस सेक्टर की कंपनियों में निवेश के बारे में सोच सकते हैं।

राजेश ने कहा कि RBI आने वाले समय में रेपो रेट को और 25-75 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ा सकता है। दरअसल, उसने अपने अकोमोडेटिव पॉलिसी में बदलाव किया है। वह इनफ्लेशन के अपने अनुमान को भी बढ़ा सकता है। दरअसल, केंद्रीय बैंक यह चाहता है कि इनफ्लेशन को कंट्रोल करने के लिए सही समय पर उचित कदम उठाने से वह चूक न जाए। इस वजह से इस साल ग्रोथ के अनुमान में भी कमी दिख सकती है।

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