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15 सालों बाद दबोचा गया कातिल, पुलिस से पूछता रहा-“सर, मुझे कैसे खोजा?”

15 सालों बाद दबोचा गया कातिल, पुलिस से पूछता रहा-“सर, मुझे कैसे खोजा?”

 कहानी अहमदाबाद के चर्चित सजनी हत्याकांड की, जिसमें पुलिस ने 15 साल बाद एक लैंडलाइन नंबर के जरिए कातिल को दबोच कर बेनकाब कर दिया था। सजनी का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसी का पति तरुण जिनराज था। साल 2003 में तरुण ने वेलेंटाइन डे के दिन पत्नी सजनी को मौत के घाट उतार दिया था। क्योंकि वह अपनी शादी से खुश नहीं था और अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता था।

केरल का रहने वाला तरुण, अहमदाबाद में पीटी टीचर था। दिसंबर, 2002 में उसकी शादी मूल रूप से केरल की ही रहने वाली सजनी से हुई थी। साल 2003 में वेलेंटाइन डे दिन अहमदाबाद के बोपल इलाके में एक कत्ल हुआ, घर की तीसरी मंजिल पर एक महिला की लाश थे और शख्स बगल में बैठा रो रहा था। ये शख्स तरुण था। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और पति तरुण से सजनी के मर्डर के बारे में पूछताछ की।

इस केस में कुछ पता नहीं चला और फिर सदमे का बहाना बनाकर तरुण ने खुद को अस्पताल में भर्ती करवा दिया। पुलिस के पास सबूत नहीं थे कि वह उसे (तरुण) गिरफ्तार कर सके। इसी बीच 16 फरवरी को तरुण अस्पताल से गायब हो गया। पुलिस ने सभी जगह व अन्य राज्यों में भी छानबीन की पर कुछ नहीं पता चला। तीन साल बीतने के बाद पुलिस ने तरुण की तलाश बंद कर दी लेकिन सजनी मर्डर केस बंद नहीं किया।

सजनी के परिजन केस के सिलसिले में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी से मिले तो साल 2006 में सीएम दफ्तर से पुलिस विभाग को जांच हेतु संदेश भेजा गया। फिर तरुण पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया। इसी क्रम में पुलिस तरुण की प्रेमिका से भी मिली, जिसने बताया कि 16 फरवरी को तरुण ने फोन कर शादी के लिए कहा था लेकिन मैंने एक कातिल से शादी करने से मना कर दिया था।

कई साल बीतने के बाद 2016 में पुलिस को तरुण की प्रेमिका से पता चला कि तरुण जैसा एक शख्स उसके दोस्तों को दिल्ली के एक मॉल में दिखा था। इसी दौरान पुलिस ने फिर से उसके करीबियों के कॉल डिटेल निकाले तो पता चला कि तरुण की मां को बेंगलुरु के कॉल सेंटर के लैंडलाइन से फोन आया था। जब इस नंबर की जानकारी निकाली गई तो पता चला कि यह फोन किसी प्रवीन भटेले द्वारा किया गया था।

पुलिस को संदेह बढ़ा तो उसने प्रवीन भटेले के बारे में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को पता चला कि प्रवीन भटेले कोई और नहीं बल्कि वह तरुण ही था। चौंकाने वाली बात थी कि तरुण ने बेंगलुरु में दूसरी शादी भी कर ली थी और उसके दो बच्चे भी थे। तरुण ने जिस टीम प्रवीन भटेले की पहचान चुराई थी, वह तरुण का ही पुराना दोस्त था। इस सारी जानकारी के बाद तरुण को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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