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पीएम मोदी ने इंफोसिस के फाउंडर नंदन निलेकणि को सौंपा बड़ा जिम्मा, अमेजन और फ्लिपकार्ट को भारत में मिलेगी कड़ी टक्कर

 

पीएम मोदी ने इंफोसिस के फाउंडर नंदन निलेकणि को सौंपा बड़ा जिम्मा, अमेजन और फ्लिपकार्ट को भारत में मिलेगी कड़ी टक्कर

इंफोसिस (Infosys) के फाउंडर नंदन निलेकणि के सामने एक बड़ा लक्ष्य है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की एक ओपन टेक्नोलॉजी नेटवर्क बनाने में मदद कर रहे हैं, जिससे भारत के तेजी से बढ़ते रिटेल बाजार (Retail Market) में छोटे दुकानदारों को जगह मिल सके. इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य एक ऑनलाइन सिस्टम बनाना है, जहां कारोबारी और ग्राहक डिटर्जेंट से लेकर एयरलाइन टिकटों तक की बिक्री कर सकेंगे. इसका उद्देश्य भारत में अमेजन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) की मालिक वॉलमार्ट को टक्कर देना है. इन दोनों प्लेटफॉर्म्स से लाखों छोटे दुकानदारों को नुकसान पहुंच रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों बड़ी कंपनियों ने भारत में कुल मिलाकर 24 अरब डॉलर का निवेश किया है और भारत के ऑनलाइन रिटेल बाजार के 80 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है. इसके लिए इन कंपनियों ने भारी डिस्काउंट का सहारा लिया है. इससे किराना के दुकानदारों को अपना भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है.

दुकानदार ई-कॉमर्स कंपनियों से परेशान

ई- कॉमर्स भारत के कुल रिटेल बाजार में करीब 6 फीसदी हिस्सा रखता है. इसके बावजूद दुकानदार परेशन हैं कि इससे आखिर में जानकर उन्हें बड़ा घाटा होगा, जैसा अमेरिका और दूसरी जगहों पर बहुत से कारोबारों को पहुंचा है.

इस नोट फॉर प्रॉफिट सिस्टम का नाम ओपन नेटवर्क फोर डिजिटल कॉमर्स होगा. इसका मकसद छोटे दुकानदारों को बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के स्तर की पहुंच देना होगा. इसके तहत सरकार सभी लोगों के लिए अपना खुद का ई-कॉमर्स इकोसिस्टम बनाएगी, जिसे अमेजन जैसी कंपनियों का मजबूत आधार घटाने के लिए तैयार किया जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, निलेकणि ने हाल ही में बेंगलुरू में अपने निजी दफ्तर में बातचीत के दौरान कहा था कि यह एक आइडिया है, जिसका समय आ गया है. उन्होंने कहा था कि उनकी लाखों छोटे विक्रेताओं के लिए जिम्मेदारी है कि वे डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में आसानी से भाग ले सकें.

इस सरकारी नोट फॉर प्रॉफिट संस्था का पायलट अगले महीने पांच शहरों में चुनिंदा यूजर्स के लिए शुरू किया जाएगा. ICICI बैंक लिमिटेड, पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इकाई में हिस्सेदारी खरीदी है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन ने कहा कि वह अभी मॉडल को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं. फ्लिपकार्ट ने अब तक मामले में अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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