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नाबार्ड की बैलेंस-शीट में पिछले वित्त वर्ष में 15 प्रतिशत का विस्तार

 


नयी दिल्ली,  (वार्ता) राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने गुरुवार को बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में उसकी बैलेंस शीट में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

नाबार्ड ने बताया कि गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में उसकी बैलेंस शीट इससे एक साल पहले के 6,57,798 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 7,57,246 करोड़ रुपये हो गई है।यह इससे पिछले वर्ष की तुलना में 15.08 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है।

नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ जी आर चिंताला ने बैंक के वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए कहा कि उसका ऋण कारोबार 31 मार्च, 2022 को बढ़कर 6,80,731 करोड़ रुपये हो गया है, जो इससे पिछले साल के 6,03,000 करोड़ रुपये से 12.89 प्रतिशत अधिक है।

बैंक का आलोच्य वर्ष में कुल ऋण संवितरण 3,77,086 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 3,50,022 करोड़ रुपये था।

इस तरह इसमें 7.73 प्रतिशत की वृद्धि है।

नाबार्ड अध्यक्ष ने बताया कि कृषि और ग्रामीण विकास गतिविधियों का समर्थन करने के लिए, नाबार्ड ने वर्ष 2021-22 के दौरान 2.68 लाख करोड़ रुपये के पुनर्वित्त का संवितरण किया जो अब तक इसकी और से इस मद पर सबसे अधिक वार्षिक पुनर्वित्त सहायता है।

इससे पिछले वर्ष में कुल 2.23 लाख करोड़ रुपये का पुनर्वित्त संवितरण किया गया था।

उन्होंने बताया कि महामारी की दूसरी और तीसरी लहर में वित्तीय संस्थानों को सहायता प्रदान करते हुए, नाबार्ड ने विशेष तरलता सुविधा –2 के तहत 24,399.44 करोड़ रुपये का वितरण किया है।

1995-96 में 2,000 करोड़ रुपये के प्रारंभिक कोष के साथ स्थापित नाबार्ड का प्रमुख कार्यक्रम, ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ) अब 2021-22 में 40,000 करोड़ रुपये हो गया है।

सरकारी क्षेत्र की इस वित्तीय संस्था ने 31 मार्च, 2022 तक आरआईडीएफ के तहत संचयी रूप से देश भर में लगभग 7.43 लाख परियोजनाओं की मदद करने के लिए 4.55 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की ताकि कृषि, सिंचाई, ग्रामीण संपर्क, सामाजिक क्षेत्र को बढ़ावा मिले सके।

इसने 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान इस आरआईडीएफ में 46,073 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूरी दी गई है, जो 2020-21 के दौरान दिए गए 34,830 करोड़ रुपये के कर्ज से 32 प्रतिशत से अधिक है।

डॉ चिंताला ने बताया कि नाबार्ड ने वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत देश भर में 127.01 लाख टन की कृषि भंडारण क्षमता बनाने के लिए सचयी रूप से 9,709 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।इसके तहत अब तक 7,594 परियोजनाओं को सहायता मंजूर की गयी है।

अब तक इनमें 59.71 लाख टन क्षमता वाली लगभग 5,529 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

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