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रॉकेट बने चाइनीज टेक कंपनियों के स्टॉक्स, अलीबाबा का शेयर 15% उछला

 

रॉकेट बने चाइनीज टेक कंपनियों के स्टॉक्स, अलीबाबा का शेयर 15% उछला

चीन की सरकार ने पिछले साल टेक्नोलॉजी कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू किया था। इसका असर इन कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। कई प्रमुख टेक कंपनियो के शेयरों में पिछले एक साल में बड़ी गिरावट आई है।

चाइनीज टेक कंपनियों (Chinese Tech Companies) के शेयर शुक्रवार को रॉकेट बन गए। दरअसल, सरकार की एक टॉप लेवल की मीटिंग में इस सेक्टर की ग्रोथ को बेहतर बताया गया। इससे उम्मीद बंधी की चीन में टेक्नोलॉजी कंपनियों को लेकर सरकार के रुख में नरमी आ सकती है। इस वजह से टेक कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त उछाल आया।

हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में शुक्रवार को शानदार तेजी आई। इनमें टेक शेयरों का बड़ा हाथ रहा। हैंगसेंग इंडेक्स 4 फीसदी चढ़कर 21,000 अंक के पार निकल गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 2.41 फीसदी चढ़ा। शेनजेन कंपोजिट इंडेक्स में 3.89 फीसदी उछाल आया।

सुबह में हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में जेडी डॉट कॉम और अलीबाबा (Alibaba) के शेयर करीब 15 फीसदी तक उछल गए। टेनसेंट (Tencent) के शेयर में 11 फीसदी की तेजी दिखी। सरकार के रुख में बदलाव से चीन में टेक्नोलॉजी कंपनियों के अच्छे दिन लौट सकते हैं।

चीन की सरकार ने पिछले साल टेक्नोलॉजी कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू किया था। इसका असर इन कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। कई प्रमुख टेक कंपनियो के शेयरों में पिछले एक साल में बड़ी गिरावट आई है।

सिंहुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को सरकार की टॉप लेवल की मीटिंग में अफसरों ने प्लेटफॉर्म इकोनॉमी की हेल्दी ग्रोथ पर जोर दिया। पोलितब्यूरो की इस मीटिंग की अध्यक्षता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की। इस मीटिंग में टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी मार्केट की चिंताओं को दूर करने पर भी जोर दिया गया।

यूनाइटेड फर्स्ट पार्टनर्स के हेड जस्टिन टैंग ने ब्लूमबर्ग न्यूज को बताया, "स्टॉक की बहुत ज्यादा बिकवाली हो चुकी है। इन कंपनियों के खिलाफ सरकार के रुख में बदलाव के संकेत हैं।" मीटिंग में इकोनॉमी की ग्रोथ के टारगेट को हासिल करने पर भी चर्चा हुई। इससे राहत पैकेज की भी उम्मीद जगी है। कोरोना वायरस की नई लहर को काबू में करने के लिए शंघाई सहित कई शहरों में लॉकडाउन करना पड़ा। इसका असर इकोनॉमी पर पड़ा है।

हालांकि, सरकार इकोनॉमी की सेहत सुधारने पर लगातार जोर दे रही है। इसके लिए सरकार ने हाल में कई बयान दिए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर चीन में कोरोना वायरस की नई लहर पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो इकोनॉमी को बड़ा झटका लग सकता है।

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