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अडानी विल्मर ने रचा इतिहास, लिस्टिंग के 3 महीने में ही ₹1 लाख करोड़ की हुई कंपनी, निवेशकों को 263% रिटर्न

 

अडानी विल्मर ने रचा इतिहास, लिस्टिंग के 3 महीने में ही ₹1 लाख करोड़ की हुई कंपनी, निवेशकों को 263% रिटर्न

गौतम अडानी की कंपनी अडानी विल्मर ने एक नया रिकाॅर्ड बना दिया। खाद्य तेल बनाने वाली इस कंपनी का मार्केट कैप लिस्टिंग के तीन महीने में ही 1 लाख करोड़ रुपये का हो गया। अडानी विल्मर के शेयरों ने आज सुबह के कारोबार में 5% अपर सर्किट मारा और कंपनी के शेयर 800 रुपये के पार पहुंच गए।

इससे अडानी विल्मर का मार्केट कैप ₹1.04 लाख करोड़ का हो गया।इस शानदार तेजी के साथ अडानी विल्मर दुनिया की टाॅप 50 सबसे मूल्यवान कंपनियों में अपनी जगह बना ली है। बता दें कि सोमवार को कंपनी के शेयर 764.60 रुपये पर बंद हुए थे।

पिछले एक हफ्ते में अडानी ग्रुप का यह दूसरा शेयर है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है। पिछले हफ्ते, अदानी पावर के शेयरों ने 1 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्यांकन को पार कर यह उपलब्धि हासिल की थी। आज अडानी पावर की मार्केट कपै करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये है।

निवेशकों को 263% का मुनाफा

अडानी विल्मर के शेयर की कीमत आज लगभग ₹34 प्रति शेयर ऊपर चढ़कर खुला और यह ₹803.15 के अपने लाइफ टाइम हाई कीमत पर पहुंच गई। कंपनी के शेयर अपने लिस्टिंग डे से लेकर अब तक करीब 263% का जबरदस्त रिटर्न दिया है। अडानी विल्मर का स्टॉक पिछले कुछ कारोबारी सत्र में पांच फीसदी के ऊपरी सर्किट को हिट किया और अब 803 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

इश्यू प्राइस से तीन गुना ज्यादा फायदा

बता दें कि अडानी विल्मर का आईपीओ 27 जनवरी 2022 को लॉन्च हुआ था और इसके शेयरों की लिस्टिंग 8 फरवरी 2022 को हुई थी। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹218 से ₹230 था। बीएसई पर कंपनी के शेयर 8 फरवरी को 221 रुपये डिस्काउंट पर लिस्ट हुए थे। आज यह स्टॉक शुरुआती कारोबार में 803.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से अडानी विल्मर के शेयर लगभग ढ़ाई महीने में ही अपने निवेशकों को 263 पर्सेंट से ज्यादा का जोरदार रिटर्न दिया है।

क्यों बढ़ रहे हैं अडानी विल्मर के शेयर

जानकारों का मानना है कि इंडोनेशिया द्वारा 28 अप्रैल से पाम तेल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के हालिया प्रस्ताव से खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आएगी, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पहले से ही उबाल पर है। चूंकि अडानी विल्मर खाद्य तेल मार्केट में सबसे बड़ा प्लेयर है

ऐसे में कंपनी के शेयरों के बढ़ने के चांसेज बढ़ जाते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत अपनी वार्षिक पाम तेल की जरूरत का 45 प्रतिशत इंडोनेशिया से लेता है। प्रतिबंध से अडानी विल्मर जैसे घरेलू खाद्य तेल उत्पादकों के लिए मार्जिन बढ़ने की संभावना है

जो स्टॉक में धारणा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। हालांकि जानकारों का कहना है कि अडानी विल्मर के शेयर में ज्यादा खरीदारी हुई है, जिससे रैली पर असर पड़ सकता है। नई खरीदारी केवल 520 रुपये से 545 रुपये के स्तर के आसपास ही शुरू की जा सकती है। यह 812 रुपये तक जा सकता है।

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